Psychology chapter अध्याय – 5. चिकित्सा उपागम subjective

 अध्याय – 5. चिकित्सा उपागम

1. संज्ञानात्मक व्यवहार चिकित्सा क्या है?

Ans- संज्ञानात्मक व्यवहार चिकित्सा (CBT) एक मनोचिकित्सा पद्धति है, जो यह सिखाती है कि हमारी सोच, भावनाओं और व्यवहारों के बीच गहरा संबंध होता है। यह नकारात्मक सोच को पहचानकर उसे सकारात्मक और व्यावहारिक सोच में बदलने में मदद करती है।

2. लोगो चिकित्सा (उद्धोधक चिकित्सा) विशेषताओं का वर्णन करें।

Ans- लोगो चिकित्सा एक मनोचिकित्सा विधि है जिसे विक्टर फ्रैंकल ने विकसित किया था। इसका मुख्य उद्देश्य व्यक्ति को यह समझाने में मदद करना है कि उसके जीवन का अर्थ और उद्देश्य क्या है।

3. व्यवहार चिकित्सा की मॉडलिंग प्रविधि का वर्णन संक्षेप में करें।

Ans- मॉडलिंग प्रविधि एक ऐसी व्यवहार चिकित्सा तकनीक है, जिसमें व्यक्ति किसी अन्य व्यक्ति (मॉडल) को देखकर सही और सकारात्मक व्यवहार सीखता है। इस प्रविधि का प्रयोग सबसे पहले एल्बर्ट बैण्डुरा ने किया था।


प्रश्न 4. रोगी केंद्रित चिकित्सा क्या है?

उत्तर:- यह चिकित्सा की एक ऐसी विधि है जिसमें रोगी की भावनाओं और उसकी जरूरतों को सबसे ज्यादा महत्व दिया जाता है। इसे कार्ल रोजर्स ने शुरू किया था। इसमें डॉक्टर रोगी को कोई सलाह या निर्देश नहीं देता, बल्कि उसे अपनी समस्याओं को खुद समझने और सुलझाने के लिए प्रेरित करता है। इसमें रोगी को अपनी बात कहने की पूरी आजादी होती है।

प्रश्न 5. विद्युत आघात चिकित्सा क्या है?

उत्तर:- इसे ECT भी कहा जाता है। इस विधि में रोगी के सिर पर इलेक्ट्रोड लगाकर बहुत कम मात्रा में बिजली का झटका (Current) दिया जाता है। इससे मस्तिष्क में एक हल्का दौरा पड़ता है, जो दिमाग के रसायनों को संतुलित करने में मदद करता है। यह तकनीक रोगी की नकारात्मक यादों और तनाव को कम करने में सहायक होती है।

प्रश्न 6. क्या बायोफीडबैक चिकित्सा मानसिक विकारों के लिए उपयोगी है?

उत्तर:- हाँ, बायोफीडबैक चिकित्सा मानसिक और शारीरिक समस्याओं के लिए बहुत उपयोगी है। इसमें मशीन की मदद से रोगी को उसके शरीर की गतिविधियों (जैसे दिल की धड़कन और मांसपेशियों का तनाव) के बारे में जानकारी दी जाती है। अभ्यास के जरिए रोगी इन शारीरिक क्रियाओं को खुद नियंत्रित करना सीख जाता है। यह तनाव से होने वाली बीमारियों, जैसे सिरदर्द और उच्च रक्तचाप (High BP) में बहुत फायदेमंद है।

प्रश्न 7. क्या विद्युत-आक्षेपी चिकित्सा मानसिक विकारों के लिए उपयोगी है?

उत्तर:- हाँ, विद्युत-आक्षेपी चिकित्सा (ECT) गंभीर मानसिक रोगों के इलाज में बहुत प्रभावी है। यह खास तौर पर उन समस्याओं में इस्तेमाल की जाती है जहाँ दवाइयाँ असर नहीं करतीं, जैसे:

  • बहुत ज्यादा उदासी (गंभीर अवसाद)

  • खुदकुशी करने का विचार आना

  • उन्माद (Mania)

  • कैटाटोनिया (एक ऐसी स्थिति जिसमें व्यक्ति हिल-डुल नहीं पाता)

प्रश्न 8. मनोविश्लेषणात्मक विधि के गुणों का वर्णन करें।

उत्तर:- मनोविश्लेषणात्मक विधि के मुख्य गुण इस प्रकार हैं:

  • यह विधि मन के छिपे हुए हिस्से (अचेतन मन) का अध्ययन करके बीमारी के असली कारण को खोजती है।

  • इससे पुरानी दबी हुई इच्छाओं और मानसिक संघर्षों को सुलझाने में मदद मिलती है।

  • यह चिंता, घबराहट और लंबे समय से चल रहे मानसिक तनाव को दूर करने में सहायक है।

प्रश्न 9. चिकित्सा के उद्देश्यों का उल्लेख करें।

उत्तर:- मनोवैज्ञानिक चिकित्सा के मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित हैं:

  1. व्यक्ति को अपनी भावनाओं और व्यवहार को बेहतर ढंग से समझने में मदद करना।

  2. मानसिक तनाव, डर और चिंता को कम करना।

  3. पुरानी गलत आदतों को बदलकर अच्छी आदतें अपनाना।

  4. व्यक्ति की सोच को नकारात्मक से सकारात्मक बनाना।

  5. आत्मविश्वास बढ़ाना ताकि व्यक्ति समाज और परिवार के साथ अच्छे से रह सके।

प्रश्न 10. योग क्या है?

उत्तर:- योग मन और शरीर को स्वस्थ रखने का एक प्राचीन भारतीय तरीका है। इसका सबसे अच्छा वर्णन ऋषि पतंजलि के 'योगसूत्र' में मिलता है। योग में आसन और प्राणायाम (सांस की तकनीक) के जरिए मन को शांत रखा जाता है और शरीर को बीमारियों से दूर रखा जाता है।

प्रश्न 2. स्कीमा की परिभाषा।

उत्तर:- स्कीमा हमारे दिमाग में बनी एक ऐसी मानसिक संरचना (ढांचा) है, जो हमें जानकारी को इकट्ठा करने और उसे समझने में मदद करती है। यह एक तरह का 'मानसिक नक्शा' है जो हमारे पुराने अनुभवों के आधार पर बनता है।




मनोविज्ञान (Psychology): महत्वपूर्ण प्रश्न और उत्तर

प्रश्न 11. औषध चिकित्सा क्या है?

उत्तर:- यह इलाज का वह तरीका है जिसमें मानसिक रोगों को ठीक करने के लिए दवाइयों का इस्तेमाल किया जाता है। ये दवाइयाँ मस्तिष्क (दिमाग) में रसायनों के संतुलन को ठीक करती हैं, जिससे तनाव, चिंता और अवसाद (Depression) जैसी बीमारियों के लक्षण कम हो जाते हैं।

प्रश्न 12. स्वतंत्र साहचर्य से आप क्या समझते हैं?

उत्तर:- यह मनोचिकित्सा की एक तकनीक है जिसमें रोगी को बिना किसी डर या झिझक के अपने मन में आने वाली हर बात, विचार या अनुभव को खुलकर बताने के लिए कहा जाता है। इससे डॉक्टर को रोगी की छिपी हुई समस्याओं को समझने में मदद मिलती है।

प्रश्न 13. ऋणात्मक अन्यारोपण क्या है?

उत्तर:- इलाज के दौरान जब रोगी अपने डॉक्टर (चिकित्सक) के प्रति नकारात्मक भावनाएँ जैसे कि नफरत, गुस्सा या विरोध दिखाने लगता है, तो इसे ऋणात्मक अन्यारोपण कहते हैं।

प्रश्न 14. व्यवहार चिकित्सा क्या है?

उत्तर:- इस चिकित्सा में व्यक्ति की गलत सीखी हुई आदतों या व्यवहार को बदलकर उसे सही व्यवहार सिखाया जाता है। यह पूरी तरह से सीखने के नियमों (Learning Principles) पर आधारित है, जिसे जे. बी. वॉटसन ने दिया था।

प्रश्न 15. मनोवैज्ञानिक कल्याण की परिभाषा दें।

उत्तर:- इसका अर्थ है व्यक्ति का मानसिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ और संतुलित होना। जब किसी व्यक्ति में आत्मविश्वास हो, वह अपना सम्मान करता हो और उसे बेवजह की चिंता या तनाव न हो, तो उसे 'मनोवैज्ञानिक कल्याण' की स्थिति कहा जाता है।


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