कलिंग युद्ध का अशोक पर क्या प्रभाव पड़ा?

 प्रश्न: कलिंग युद्ध का अशोक पर क्या प्रभाव पड़ा?

उत्तर:

261 ईसा पूर्व में लड़ा गया कलिंग युद्ध सम्राट अशोक के जीवन और भारतीय इतिहास का एक बहुत बड़ा मोड़ था। परीक्षा के दृष्टिकोण से इसके मुख्य प्रभाव निम्नलिखित हैं:

• हृदय परिवर्तन: युद्ध में हुए भीषण नरसंहार (लगभग 1 लाख लोगों की मृत्यु और डेढ़ लाख लोगों के विस्थापन) को देखकर अशोक का मन अत्यंत दुखी और व्याकुल हो उठा। उन्होंने भविष्य में कभी भी युद्ध न करने का संकल्प लिया।

• भेरीघोष से धम्मघोष: अशोक ने अपनी साम्राज्य विस्तार की नीति को हमेशा के लिए बदल दिया। उन्होंने 'भेरीघोष' (युद्ध की नीति) का त्याग कर 'धम्मघोष' (सांस्कृतिक और धार्मिक विजय की नीति) को अपनाया।

• बौद्ध धर्म को अपनाना: इस युद्ध के बाद अशोक ने उपगुप्त नामक बौद्ध भिक्षु के प्रभाव में आकर बौद्ध धर्म दीक्षा ली और इसके प्रचार-प्रसार में अपनी पूरी शक्ति लगा दी। उन्होंने लोक कल्याण के लिए चिकित्सालय, कुएं और सराय बनवाए।

• प्रशासनिक बदलाव: शासन व्यवस्था में दया और उदारता को शामिल किया गया। साम्राज्य में शांति और नैतिकता बनाए रखने के लिए 'धम्म महामात्र' नामक नए अधिकारियों की नियुक्ति की गई।

संक्षेप में, कलिंग युद्ध ने एक क्रूर विजेता राजा (चंडाशोक) को एक महान, दयालु और लोक-कल्याणकारी शासक (धर्माशोक) में बदल दिया।

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