ब्रिटिश काल के दौरान बम्बई (मुंबई) में वास्तुकला की इण्डो-सारसेनिक शैली में निर्मित इमारतों के दो नाम बताइए।

 प्रश्न: ब्रिटिश काल के दौरान बम्बई (मुंबई) में वास्तुकला की इण्डो-सारसेनिक शैली में निर्मित इमारतों के दो नाम बताइए।

उत्तर:

इण्डो-सारसेनिक (Indo-Saracenic) वास्तुकला की एक ऐसी अनूठी शैली थी जिसमें ब्रिटिश वास्तुकारों ने भारतीय (हिंदू और मुस्लिम) पारंपरिक डिजाइनों को यूरोपीय (गॉथिक और विक्टोरियन) शैलियों के साथ मिलाकर इमारतों का निर्माण किया था। इसमें अक्सर गुंबद, छतरियां, मेहराब और जालीदार नक्काशी देखने को मिलती है।

परीक्षा के दृष्टिकोण से बम्बई में इस शैली में बनी दो सबसे प्रसिद्ध इमारतें निम्नलिखित हैं:

  • 1. गेटवे ऑफ इंडिया (Gateway of India):

  • विवरण: ब्रिटिश राजा जॉर्ज पंचम और रानी मैरी के भारत आगमन (1911) के स्वागत में इसे बम्बई के समुद्र तट पर बनवाया गया था। इसके वास्तुकार जॉर्ज विटेट (George Wittet) थे। इस विशाल प्रवेश द्वार में गुजरात की 16वीं शताब्दी की पारंपरिक वास्तुकला और मुस्लिम मेहराबों की शैली का साफ प्रभाव देखा जा सकता है।

  • 2. ताजमहल पैलेस होटल (The Taj Mahal Palace Hotel):

  • विवरण: इसका निर्माण उद्योगपति जमशेदजी टाटा द्वारा करवाया गया था और इसे 1903 में खोला गया था। यह इमारत इण्डो-सारसेनिक शैली का एक बेहतरीन निजी उदाहरण है, जिसके मुख्य गुंबद और मेहराबों की बनावट में भारतीय और इस्लामी वास्तुकला का शानदार मिश्रण दिखाई देता है।

संक्षेप में, ये दोनों इमारतें बम्बई के गौरवशाली इतिहास और अंग्रेजों द्वारा भारतीय सांस्कृतिक तत्वों को अपनी वास्तुकला में शामिल करने की नीति को दर्शाती हैं।

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