प्रश्न: मीराबाई का संक्षिप्त परिचय दें।
उत्तर:
मीराबाई भक्ति काल की कृष्णभक्ति शाखा की एक महान कवयित्री और संत थीं। परीक्षा के दृष्टिकोण से उनके जीवन से जुड़े मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
• जन्म और पृष्ठभूमि: इनका जन्म 1498 ईस्वी में राजस्थान के कुड़की गांव (मेड़ता) में एक राठौड़ राजपूत परिवार में हुआ था। इनके पिता का नाम रत्न सिंह था। इनका विवाह मेवाड़ के महाराज राणा सांगा के बड़े पुत्र भोजराज के साथ हुआ था।
• कृष्ण भक्ति: बचपन से ही उनके मन में कृष्ण के प्रति गहरा प्रेम था। पति की अकाल मृत्यु के बाद उन्होंने राजपाठ और सांसारिक सुखों को त्याग दिया। वे कृष्ण को ही अपना पति, प्रेमी और सर्वस्व मानकर उनकी भक्ति में लीन रहने लगीं।
• विरोध और संघर्ष: रूढ़िवादी राजपूत समाज और राजपरिवार को एक रानी का साधु-संतों के साथ नाचना-गाना पसंद नहीं था। उन्हें मारने के लिए जहर का प्याला भी भेजा गया, जिसे वे हंसते-हंसते पी गईं। इसके बाद वे वृंदावन और फिर द्वारका चली गईं।
• रचनाएं और भाषा: मीराबाई के पदों की भाषा मुख्य रूप से राजस्थानी मिश्रित ब्रजभाषा है। उनकी प्रमुख रचनाओं में 'मीरा पदावली' और 'नरसी जी का मायरा' अत्यंत प्रसिद्ध हैं।
संक्षेप में, मीराबाई ने अपने पदों के माध्यम से मध्यकाल में स्त्री मुक्ति, सामाजिक रूढ़ियों के विरोध और अनन्य प्रेम का एक अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया।
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