प्रश्न: हड़प्पा लिपि के बारे में आप क्या जानते हैं?
उत्तर:
सिंधु घाटी सभ्यता की लिपि भारतीय उपमहाद्वीप की सबसे प्राचीन लिपियों में से एक है। परीक्षा के दृष्टिकोण से इसके मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
• भाव-चित्रात्मक (Pictographic): यह लिपि वर्णमाला (अक्षरों) के रूप में नहीं है, बल्कि इसमें चित्रों और चिह्नों का प्रयोग किया गया है। इसमें पक्षी, मछली और मानव आकृतियों के चित्र मिलते हैं। इसमें मूल चिह्नों की संख्या लगभग 250 से 400 तक है।
• लिखने का तरीका (बूस्ट्रोफेडन): यह लिपि सामान्यतः दाईं से बाईं ओर लिखी जाती थी। जब लेखन एक से अधिक पंक्तियों का होता था, तो पहली पंक्ति दाईं से बाईं ओर और दूसरी पंक्ति बाईं से दाईं ओर लिखी जाती थी।
• अपठित लिपि: हड़प्पा लिपि की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसे आज तक कोई भी विद्वान पढ़ नहीं पाया है। यही कारण है कि सिंधु सभ्यता को 'आद्य-ऐतिहासिक काल' (Proto-Historic Period) में रखा जाता है।
• साक्ष्य: इसके अवशेष मुख्य रूप से हड़प्पा काल की मोहरों, तांबे के औजारों और बर्तनों पर देखने को मिलते हैं। धोलावीरा से एक बड़ा 'साइनबोर्ड' (सूचना पट्ट) भी मिला है।
संक्षेप में, इस लिपि का न पढ़ा जा पाना ही हड़प्पा सभ्यता के कई रहस्यों को आज भी अनसुलझा रखे हुए है।
0 Comments
Post a Comment
Please, Don't enter any spam link in the comment box