उत्खनन से आप क्या समझते हैं?

प्रश्न: उत्खनन से आप क्या समझते हैं?

उत्तर:

पुरातत्व विज्ञान (Archaeology) में उत्खनन (Excavation) का अर्थ सरल शब्दों में 'खुदाई' से है। यह अतीत के मानव जीवन, संस्कृति और इतिहास को समझने की एक वैज्ञानिक प्रक्रिया है।

परीक्षा के दृष्टिकोण से इसके मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:

  • शाब्दिक और व्यावहारिक अर्थ: पृथ्वी की सतह के नीचे दबे हुए प्राचीन काल के अवशेषों, बर्तनों, औजारों, सिक्कों, इमारतों और कंकालों को वैज्ञानिक तरीकों से खोदकर बाहर निकालने की प्रक्रिया को उत्खनन कहते हैं।

  • वैज्ञानिक पद्धति: उत्खनन कोई साधारण खुदाई नहीं है, बल्कि यह बहुत सावधानी से की जाने वाली वैज्ञानिक प्रक्रिया है। इसमें इस बात का पूरा ध्यान रखा जाता है कि जमीन के अंदर दबी हुई प्राचीन वस्तुएं टूटे-फूटें नहीं और उनका ऐतिहासिक क्रम (Time Period) नष्ट न हो।

  • उत्खनन के दो मुख्य प्रकार:

  • 1. लंबवत उत्खनन (Vertical Excavation): इसमें किसी खास जगह पर गहराई में खुदाई की जाती है। इसका मुख्य उद्देश्य विभिन्न ऐतिहासिक कालों (Layers) के समय-क्रम या सांस्कृतिक चरणों का पता लगाना होता है।

  • 2. क्षैतिज उत्खनन (Horizontal Excavation): इसमें किसी बड़े क्षेत्र की सतह पर चौड़ाई में खुदाई की जाती है। इसका मुख्य उद्देश्य किसी एक ही काल की पूरी सभ्यता, नगर नियोजन या पूरे शहर के ढांचे को उजागर करना होता है (जैसे हड़प्पा और मोहनजोदड़ो की खुदाई)।

  • इतिहास लेखन में महत्व: प्रागैतिहासिक काल (Pre-historic period) या सिंधु घाटी सभ्यता जैसे दौर का हमारे पास कोई लिखित इतिहास नहीं है। ऐसे समय के इतिहास को जानने और लिखने का एकमात्र साधन उत्खनन से प्राप्त वस्तुएं ही हैं।

संक्षेप में, उत्खनन बीते हुए कल (अतीत) के बंद दरवाजों को खोलने वाली एक ऐसी चाबी है, जो मिट्टी में दबे इतिहास को जिंदा करके हमारे सामने लाती है।

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