12th History Chapter 7 एक साम्राज्य की राजधानी - विजयनगर Subjective
लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 1. विजयनगर साम्राज्य के संस्थापक कौन थे और इसकी स्थापना कब हुई?
उत्तर:- विजयनगर साम्राज्य की स्थापना हरिहर और बुक्का नाम के दो भाइयों ने की थी। उन्होंने इस साम्राज्य की शुरुआत साल 1336 में की थी।
प्रश्न 2. विरुपक्ष मंदिर की दो विशेषताएँ लिखें।
उत्तर:- विरुपाक्ष मंदिर की दो प्रमुख विशेषताएँ इस प्रकार हैं:
यह मंदिर कर्नाटक के हम्पी में स्थित है।
यह मंदिर भगवान शिव (जिन्हें यहाँ विरुपाक्ष कहा जाता है) और उनकी पत्नी पम्पा देवी को समर्पित है।
प्रश्न 3. आयंगर व्यवस्था के विषय में आप क्या जानते हैं?
उत्तर:- आयंगर व्यवस्था के तहत विजयनगर साम्राज्य के हर गाँव को एक स्वतंत्र इकाई (यूनिट) माना जाता था। इन गाँवों का प्रशासन चलाने के लिए 12 व्यक्तियों का एक समूह नियुक्त किया जाता था, जिन्हें सामूहिक रूप से 'आयंगर' कहा जाता था।
प्रश्न 4. विजयनगर साम्राज्य की किन्हीं चार ऐतिहासिक इमारतों के नाम लिखें।
उत्तर:- विजयनगर साम्राज्य की चार प्रसिद्ध इमारतें निम्नलिखित हैं:
महानवमी डिब्बा
कमल महल (Lotus Mahal)
विट्ठल मंदिर
विरुपाक्ष मंदिर
प्रश्न 5. कमल महल कहाँ है? इसका क्या उपयोग है?
उत्तर:- कमल महल विजयनगर में स्थित एक बहुत ही खूबसूरत इमारत है। इसकी बनावट कमल के फूल जैसी होने के कारण अंग्रेजों ने इसका नाम 'कमल महल' रखा था। इस महल का उपयोग राजा अपने मंत्रियों के साथ बैठकर सलाह-मशविरा करने के लिए करते थे।
प्रश्न 6. गोपुरम और मंडप क्या हैं?
गोपुरम
गोपुरम मंदिर का विशाल और ऊँचा प्रवेश द्वार होता है। यह मुख्य रूप से दक्षिण भारतीय मंदिरों में देखने को मिलता है। गोपुरम को इस प्रकार बनाया जाता है कि दूर से ही मंदिर दिखाई दे। इसकी ऊँचाई बहुत अधिक होती है और इस पर देवी-देवताओं, पौराणिक कथाओं तथा विभिन्न आकृतियों की सुंदर नक्काशी की जाती है।
गोपुरम भक्तों के मन में श्रद्धा और भक्ति की भावना उत्पन्न करता है। यह मंदिर की भव्यता और धार्मिक महत्व को दर्शाता है। दक्षिण भारत के मीनाक्षी अम्मन मंदिर जैसे प्रसिद्ध मंदिर अपने विशाल गोपुरमों के लिए जाने जाते हैं।
मंडप
मंडप मंदिर के अंदर बना हुआ सभा-स्थल या हॉल होता है। यहाँ भक्त बैठकर पूजा, भजन, ध्यान और धार्मिक कार्यक्रम करते हैं। मंडप को कई सुंदर स्तंभों के सहारे बनाया जाता है, जिन पर कलात्मक नक्काशी होती है।
प्राचीन समय में मंडप धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र भी था। यहाँ नृत्य, संगीत और धार्मिक सभाएँ आयोजित की जाती थीं। यह स्थान शांति और आध्यात्मिक वातावरण प्रदान करता है।
7.अब्दुल रज्जाक किनके शासनकाल में आऐ थे?
उत्तर:- अब्दुल रज्जाक राजा देवराय द्वितीय के समय विजयनगर आया था। वह यहाँ के किले को देखकर बहुत हैरान हुआ क्योंकि किले की सात दीवारें थीं, जो न केवल शहर को बल्कि खेतों और जंगलों को भी सुरक्षा प्रदान करती थीं।
प्रश्न 8. विजयनगर में शासन करने वाले दो वंशों के नाम लिखें।
उत्तर:- विजयनगर पर शासन करने वाले प्रमुख वंश ये थे:
संगम वंश
तुलुव वंश
प्रश्न 9. गोपुरम से आप क्या समझते हैं?
उत्तर:- मंदिरों के प्रवेश द्वार को 'गोपुरम' कहा जाता है। विजयनगर के राजाओं ने अपनी शक्ति और वैभव दिखाने के लिए बहुत ऊँचे और भव्य गोपुरम बनवाए थे, जो दूर से ही नजर आते थे।
प्रश्न 10. विजयनगर साम्राज्य की स्थापत्य कला (बनावट) की दो विशेषता लिखें।
उत्तर:- * यहाँ महानवमी डिब्बा और कमल महल जैसी विशाल और अनोखी संरचनाएँ बनाई गईं।
हजार राम मंदिर और विट्ठल स्वामी मंदिर जैसे शानदार मंदिरों का निर्माण किया गया।
प्रश्न 11. कॉलिन मैकेजी कौन थे?
उत्तर:- कॉलिन मैकेजी ईस्ट इंडिया कंपनी के एक इंजीनियर और वैज्ञानिक थे। उन्होंने ही साल 1800 में हम्पी के अवशेषों की खोज की और उसका पहला नक्शा तैयार किया। वह 1815 में भारत के पहले 'सर्वेयर जनरल' बने।
प्रश्न 12. विजयनगर की यात्रा करने वाले चार विदेशी यात्रियों के नाम लिखें।
उत्तर:- 1. निकोलो कोंटी (इटली)
2. अब्दुल रज्जाक (ईरान)
3. डोमिंगो पेस (पुर्तगाल)
4. एडवर्डो बारबोसा (पुर्तगाल)
प्रश्न 13. अमरनायक कौन थे?
उत्तर:- अमरनायक विजयनगर साम्राज्य के सैनिक अधिकारी होते थे। राजा उन्हें वेतन के बदले जमीन देता था, जिससे होने वाली कमाई (टैक्स) से वे अपना और अपनी सेना का खर्चा चलाते थे। इस जमीन को 'अमरम' कहा जाता था।
प्रश्न 14. विट्ठल स्वामी मंदिर की दो विशेषता बताइए।
उत्तर:- * इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत यहाँ बना 'पत्थर का रथ' है।
मंदिर में बहुत ही सुंदर नक्काशीदार खंभे और बड़े हॉल (सभागार) बने हुए हैं।
प्रश्न 15. विजयनगर के पतन के दो कारण लिखें।
उत्तर:- 1. राजा की गद्दी के लिए होने वाले आपसी झगड़ों और गृहयुद्ध के कारण राज्य की शक्ति कमजोर हो गई।
2. 1565 में 'तालीकोटा के युद्ध' में विजयनगर की सेना की बुरी तरह हार हुई, जिसके बाद यह साम्राज्य बिखर गया।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 1. विजयनगर साम्राज्य के कृष्णदेव राय की उपलब्धियों का वर्णन करें।
उत्तर:- कृष्णदेव राय विजयनगर साम्राज्य के सबसे महान और प्रतापी राजा थे। उनकी प्रमुख उपलब्धियाँ निम्नलिखित हैं:
सैन्य सफलता: उन्होंने 1512 में रायचूर दोआब पर कब्जा किया, 1514 में उड़ीसा के शासक को हराया और 1520 में बीजापुर के सुल्तान को मात दी। उनका शासनकाल जीत और विस्तार का समय था।
प्रशासन: उन्होंने राज्य की शासन व्यवस्था को बहुत मजबूत बनाया और प्रजा की सुख-सुविधाओं का ध्यान रखा।
कला और साहित्य: वे खुद एक विद्वान थे। उन्होंने 'अमुक्तमाल्यद' (तेलुगु) और 'जांबवती कल्याणम' (संस्कृत) जैसे ग्रंथों की रचना की। उनके दरबार में 'अष्ट दिग्गज' नाम के आठ महान कवि रहते थे।
निर्माण कार्य: उन्होंने विजयनगर के पास अपनी माँ के नाम पर 'नगलपुरम्' नामक नगर बसाया। उन्होंने विट्ठल स्वामी और हजार राम जैसे भव्य मंदिरों का निर्माण करवाया और सिंचाई के लिए 'कमलपुरम्' जलाशय (तालाब) बनवाया।
प्रश्न 2. विजयनगर साम्राज्य के प्रमुख राजवंशों और उनकी उपलब्धियों की जानकारी दीजिए।
उत्तर:- विजयनगर साम्राज्य की स्थापना 1336 ई. में हरिहर और बुक्का ने की थी। यहाँ मुख्य रूप से चार वंशों ने शासन किया:
संगम वंश: यह पहला वंश था। हरिहर और बुक्का के अलावा देवराय प्रथम और द्वितीय इस वंश के प्रमुख राजा थे।
सालुव वंश: इसकी स्थापना नरसिंह सालुव ने की थी।
तुलुव वंश: इस वंश के सबसे प्रसिद्ध राजा कृष्णदेव राय थे, जिन्होंने साम्राज्य को ऊँचाइयों पर पहुँचाया।
अरविदु वंश: यह विजयनगर का अंतिम राजवंश था। इसी के समय में साम्राज्य का पतन शुरू हुआ।
प्रश्न 3. विजयनगर कालीन स्थापत्य कला (भवन निर्माण कला) का वर्णन कीजिए।
उत्तर:- विजयनगर के राजाओं ने दक्षिण भारतीय मंदिर निर्माण शैली को एक नए स्तर पर पहुँचाया। इसके प्रमुख उदाहरण हैं:
हजार राम मंदिर: यह मंदिर बहुत विशाल था और इसका उपयोग केवल राजा और उनका परिवार करता था। इसकी दीवारों पर रामायण के दृश्य उकेरे गए हैं।
विरुपाक्ष मंदिर: यह मंदिर भगवान शिव के रूप 'विरुपाक्ष' और 'पम्पा देवी' को समर्पित है। यह अपनी विशालता और सुंदर नक्काशी के लिए प्रसिद्ध है।
गोपुरम और मंडप: विजयनगर के राजाओं ने मंदिरों के प्रवेश द्वार (गोपुरम) को बहुत ऊँचा और भव्य बनाया, जो उनकी शक्ति का प्रतीक था।
प्रश्न 4. विजयनगर साम्राज्य के चरमोत्कर्ष (ऊँचाई) और पतन पर एक संक्षिप्त निबंध लिखिए।
उत्तर:- विजयनगर साम्राज्य दक्षिण भारत का सबसे शक्तिशाली हिंदू साम्राज्य था।
चरमोत्कर्ष (Peak): कृष्णदेव राय के शासनकाल (1509-1529) में यह साम्राज्य अपनी सफलता के शिखर पर था। व्यापार, कला, साहित्य और सैन्य शक्ति, हर क्षेत्र में विजयनगर सबसे आगे था।
पतन (Decline): कृष्णदेव राय की मृत्यु के बाद उत्तराधिकारियों में आपसी झगड़े शुरू हो गए। सेनापति रामराय की गलत नीतियों के कारण 1565 में तालीकोटा का युद्ध (राक्षसी-तांगड़ी का युद्ध) हुआ। इस युद्ध में बीजापुर, अहमदनगर और गोलकुंडा की संयुक्त सेनाओं ने विजयनगर को हरा दिया और पूरे शहर को लूटकर नष्ट कर दिया। इसके बाद धीरे-धीरे साम्राज्य खत्म हो गया।
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