12th Psychology chapter - 6: अभिवृत्ति एवं सामाजिक संज्ञान subjective

 Psychology chapter - 6: अभिवृत्ति एवं सामाजिक संज्ञान subjective

प्रश्न 1. अभिवृत्ति की परिभाषा।

उत्तर:- किसी व्यक्ति, चीज़ या विचार के प्रति हमारे सोचने और महसूस करने के नजरिए को 'अभिवृत्ति' (Attitude) कहते हैं। यह नजरिया अच्छा (सकारात्मक) भी हो सकता है और बुरा (नकारात्मक) भी।

प्रश्न 2. स्कीमा की परिभाषा।

उत्तर:- स्कीमा हमारे दिमाग में मौजूद जानकारी का एक ढांचा है जो हमें नई चीज़ों को पहचानने और समझने में मदद करता है।

  • उदाहरण: यदि आपने पहले कुत्ता देखा है, तो अगली बार किसी जानवर को देखते ही आपका दिमाग उसे 'कुत्ते वाले स्कीमा' से मिलाएगा ताकि आप उसे पहचान सकें।

प्रश्न 3. आदिरूप को परिभाषित करें।

उत्तर:- किसी शब्द को सुनते ही हमारे दिमाग में जो सबसे पहली और मुख्य छवि (Image) बनती है, उसे आदिरूप (Prototype) कहते हैं।

  • उदाहरण: 'माँ' शब्द सुनते ही ममता और प्यार की छवि उभरना।

प्रश्न 4. रूढ़िवादी किसे कहते हैं?

उत्तर:- जब लोग पुरानी मान्यताओं और रीति-रिवाजों को बिना सोचे-समझे सही मानते हैं और बदलाव को स्वीकार नहीं करते, तो उसे रूढ़िवादी सोच कहते हैं।

  • उदाहरण: यह मानना कि "लड़कियाँ सिर्फ घर का काम करने के लिए बनी हैं।"

प्रश्न 5. पूर्वाग्रह को परिभाषित करें।

उत्तर:- किसी व्यक्ति या समूह के बारे में बिना सच्चाई जाने पहले से ही कोई गलत या नकारात्मक राय बना लेना पूर्वाग्रह कहलाता है।

  • उदाहरण: बिना मिले ही यह मान लेना कि "सभी अमीर लोग घमंडी होते हैं।"

प्रश्न 6. मनोवृत्ति निर्माण के सांस्कृतिक कारक का वर्णन करें।

उत्तर:- हमारी सोच और पसंद-नापसंद पर हमारे समाज, परिवार, धर्म और परंपराओं का बहुत गहरा असर पड़ता है। हम जिस माहौल में रहते हैं, वहीं से हम सीखते हैं कि हमें किस चीज़ को अच्छा मानना है और किसे बुरा। इसी को 'सांस्कृतिक कारक' कहते हैं।




प्रश्न 7. मनोवृत्ति के संज्ञानात्मक संघटक से आप क्या समझते हैं?

उत्तर:- किसी व्यक्ति या चीज़ के बारे में हमारे दिमाग में जो विचार, विश्वास और जानकारी होती है, उसे ही मनोवृत्ति का 'संज्ञानात्मक संघटक' कहते हैं।

  • उदाहरण: यह सोचना कि "धूम्रपान सेहत के लिए हानिकारक है", एक संज्ञानात्मक विचार है।

प्रश्न 8. समाजोपयोगी व्यवहार से आप क्या समझते हैं?

उत्तर:- जब कोई व्यक्ति बिना किसी स्वार्थ के या बिना किसी फायदे की उम्मीद के दूसरों की मदद करता है, तो उसे 'समाजोपयोगी व्यवहार' कहते हैं।

प्रश्न 9. उत्तरदायित्व के बिखराव से आप क्या समझते हैं?

उत्तर:- जब बहुत सारे लोग किसी घटना (जैसे एक्सीडेंट) को देख रहे होते हैं, तो हर कोई यह सोचता है कि "मैं नहीं, तो कोई और मदद कर देगा।" इस स्थिति में ज़िम्मेदारी सब में बंट जाती है और अक्सर कोई भी मदद के लिए आगे नहीं आता। इसे ही 'उत्तरदायित्व का बिखराव' कहते हैं।

प्रश्न 10. अभिवृत्ति को परिभाषित कीजिए।

उत्तर:- किसी व्यक्ति, वस्तु या विचार के प्रति हमारी जो एक निश्चित सोच या नजरिया बन जाता है, उसे अभिवृत्ति (Attitude) कहते हैं। यह हमें बताती है कि हमें किसी चीज़ के प्रति कैसा व्यवहार करना है।

प्रश्न 11. अभिवृत्तियों के मुख्य प्रकारों का उल्लेख कीजिए।

उत्तर:- मनोवैज्ञानिक ऑलपोर्ट के अनुसार अभिवृत्तियाँ मुख्य रूप से तीन प्रकार की होती हैं:

  1. सामाजिक अभिवृत्तियाँ: जो पूरे समाज या समूहों के प्रति होती हैं।

  2. विशिष्ट व्यक्तियों के प्रति अभिवृत्तियाँ: जैसे माता-पिता या दोस्तों के प्रति।

  3. विशिष्ट समूहों के प्रति अभिवृत्तियाँ: जैसे किसी जाति या धर्म के प्रति।

प्रश्न 12. अभिवृत्ति द्वारा किन उद्देश्यों की पूर्ति होती है?

उत्तर:- अभिवृत्ति हमें यह समझने में मदद करती है कि किसी नई परिस्थिति में हमें कैसा व्यवहार करना चाहिए। यह हमारे व्यवहार को एक सही दिशा देने का काम करती है।

प्रश्न 13. अभिवृत्तियों तथा प्रेरणाओं में अंतर स्पष्ट कीजिए।

उत्तर:- * स्थायित्व: अभिवृत्तियाँ लंबे समय तक बनी रहती हैं (स्थायी होती हैं), जबकि प्रेरणाएँ थोड़े समय के लिए होती हैं (अस्थायी होती हैं)।

  • क्षेत्र: अभिवृत्तियों का क्षेत्र बहुत बड़ा होता है, जबकि प्रेरणाएँ किसी खास मकसद तक सीमित होती हैं।

  • सक्रियता: प्रेरणाएँ हमें तुरंत काम करने के लिए उकसाती हैं, जबकि अभिवृत्तियाँ उतनी सक्रिय नहीं होतीं।

प्रश्न 14. अभिवृत्ति तथा मूल्य पर टिप्पणी लिखिए।

उत्तर:- मूल्य (Values) समाज के ऊंचे आदर्शों पर आधारित होते हैं और सभी के लिए एक जैसे होते हैं। जबकि अभिवृत्ति (Attitude) व्यक्ति की अपनी पसंद-नापसंद होती है। मूल्य हमारी अभिवृत्तियों को प्रभावित करते हैं।

प्रश्न 15. पूर्वाग्रह से आप क्या समझते हैं?

उत्तर:- किसी व्यक्ति या समूह के बारे में बिना सच्चाई जाने या बिना तथ्यों की जांच किए पहले से ही कोई अच्छी या बुरी राय बना लेना 'पूर्वाग्रह' कहलाता है।

प्रश्न 16. पूर्वाग्रह तथा भेदभाव में क्या सम्बन्ध है?

उत्तर:- पूर्वाग्रह मन के अंदर की एक सोच है, जबकि भेदभाव उस सोच का बाहरी व्यवहार है। ज्यादातर मामलों में जब किसी के मन में पूर्वाग्रह (गलत सोच) होता है, तभी वह भेदभाव करता है।

प्रश्न 17. पूर्वाग्रह एवं रूढ़धारणा में विभेदन कीजिए।

उत्तर:- रूढ़धारणा किसी समूह के बारे में बनी एक सामान्य और पुरानी छवि है। पूर्वाग्रह में इस छवि के साथ भावनाएँ (अक्सर नकारात्मक) भी जुड़ जाती हैं। रूढ़धारणा ही अक्सर पूर्वाग्रह का आधार बनती है।

प्रश्न 18. "पूर्वाग्रह भेदभाव के बिना एवं भेदभाव पूर्वाग्रह के बिना रह सकता है।" टिप्पणी कीजिए।

उत्तर:- हाँ, यह सच है। कभी-कभी मन में पूर्वाग्रह होता है लेकिन समाज के डर से व्यक्ति भेदभाव नहीं करता। वहीं दूसरी ओर, कभी-कभी व्यक्ति के मन में कोई पूर्वाग्रह नहीं होता, फिर भी सामाजिक दबाव में आकर उसे दूसरों के साथ भेदभाव करना पड़ता है।

प्रश्न 19. क्या व्यवहार सदैव व्यक्ति की अभिवृत्ति को प्रतिबिम्बित करता है?

उत्तर:- नहीं, हमारा व्यवहार हमेशा हमारी सोच (अभिवृत्ति) के अनुसार नहीं होता। व्यवहार और सोच में मेल तभी होता है जब हमारी सोच बहुत पक्की हो, हम अपने व्यवहार के प्रति जागरूक हों और हम पर बाहर से कोई दबाव न हो।

प्रश्न 20. मनोवृत्ति के कौन-कौन से घटक हैं? चर्चा करें।

उत्तर:- मनोवृत्ति (सोच) मुख्य रूप से तीन चीजों से मिलकर बनती है:

  1. संज्ञानात्मक घटक: किसी व्यक्ति या वस्तु के बारे में हमारे विचार और विश्वास (जैसे- "पढ़ाई करना अच्छा है")।

  2. भावात्मक घटक: किसी चीज़ के प्रति हमारी भावनाएँ या पसंद-नापसंद (जैसे- "मुझे पढ़ना पसंद है")।

  3. क्रियात्मक घटक: उस चीज़ के प्रति काम करने का हमारा तरीका (जैसे- "रोज स्कूल जाना और पढ़ना")।

प्रश्न 21. प्रसामाजिक व्यवहार की विशेषताएँ क्या हैं?

उत्तर:- प्रसामाजिक व्यवहार वह है जो दूसरों की भलाई के लिए किया जाता है। इसकी मुख्य विशेषताएँ ये हैं:

  • यह अपनी इच्छा से किया जाता है।

  • इसका मुख्य उद्देश्य दूसरों की मदद करना होता है।

  • इसे करते समय व्यक्ति किसी इनाम या बदले की उम्मीद नहीं करता।

  • इसमें व्यक्ति अपने फायदे या नुकसान के बारे में नहीं सोचता।

प्रश्न 22. धनात्मक स्थानान्तरण क्या है?

उत्तर:- जब हमारा पहले से सीखा हुआ कोई काम या ज्ञान, किसी नए काम को सीखने में हमारी मदद करता है, तो उसे 'धनात्मक स्थानान्तरण' कहते हैं।

  • उदाहरण: यदि आपको साइकिल चलाना आता है, तो मोटरसाइकिल सीखना आपके लिए आसान हो जाता है।


प्रश्न 23. सामाजिक संज्ञान से आप क्या समझते हैं?

उत्तर:- यह एक मानसिक प्रक्रिया है जिसके द्वारा हम अपने समाज के लोगों और सामाजिक स्थितियों के बारे में जानकारी प्राप्त करते हैं और उन्हें समझते हैं।



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