मुस्लिम लीग द्वारा 'मुक्ति दिवस' (Day of Deliverance) क्यों मनाया गया?

 प्रश्न: मुस्लिम लीग द्वारा 'मुक्ति दिवस' (Day of Deliverance) क्यों मनाया गया?

उत्तर:

मुस्लिम लीग ने 22 दिसंबर 1939 को 'मुक्ति दिवस' (या धन्यवाद दिवस) मनाया था। परीक्षा के दृष्टिकोण से इसके पीछे के मुख्य कारण और बिंदु निम्नलिखित हैं:

  • कांग्रेस प्रांतीय सरकारों का इस्तीफा: द्वितीय विश्व युद्ध (Second World War) में ब्रिटिश सरकार ने भारत के नेताओं की सहमति के बिना भारत को युद्ध में शामिल कर लिया था। इसके विरोध में अक्टूबर 1939 में देश के सभी 8 प्रांतों में गठित कांग्रेस की सरकारों (मंत्रिमंडलों) ने एक साथ इस्तीफा दे दिया।

  • मुस्लिम लीग की खुशी: मुस्लिम लीग और उसके नेता मोहम्मद अली जिन्ना, कांग्रेस सरकारों के इस इस्तीफे से बेहद खुश हुए। उनका मानना था कि 28 महीनों के कांग्रेस शासन के दौरान मुसलमानों के साथ पक्षपात और अन्याय हुआ था।

  • 'मुक्ति' का नारा: जिन्ना ने भारत के सभी मुसलमानों से यह आह्वान किया कि वे कांग्रेस के शासन से 'मुक्ति' (आजादी) मिलने की खुशी में 22 दिसंबर को 'मुक्ति दिवस' के रूप में मनाएं।

  • भीमराव अंबेडकर का समर्थन: इस दिवस को मनाने में डॉ. भीमराव अंबेडकर और उनकी पार्टी (इंडिपेंडेंट लेबर पार्टी) ने भी मुस्लिम लीग का साथ दिया था, क्योंकि वे भी तत्कालीन कांग्रेस सरकार की कुछ नीतियों से असहमत थे।

संक्षेप में, मुस्लिम लीग द्वारा मनाया गया यह मुक्ति दिवस भारतीय राजनीति में कांग्रेस और मुस्लिम लीग के बीच बढ़ती कड़वाहट और दूरी का एक बड़ा प्रतीक था।

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