प्रश्न: त्रिपिटक क्या है?
उत्तर:
'त्रिपिटक' बौद्ध धर्म का सबसे प्रमुख और पवित्र धार्मिक ग्रंथ है। पालि भाषा के इस शब्द का शाब्दिक अर्थ होता है— "तीन टोकरियाँ", जिसमें बुद्ध के उपदेशों और बौद्ध संघ के नियमों को तीन अलग-अलग भागों में संकलित (इकट्ठा) किया गया है।
परीक्षा के दृष्टिकोण से ये तीनों भाग निम्नलिखित हैं:
1. सुत्त पिटक (Sutta Pitaka): इसमें महात्मा बुद्ध के धार्मिक विचारों, मुख्य उपदेशों और संवादों का संग्रह है। यह आम लोगों को बौद्ध धर्म समझाने का सबसे बड़ा स्रोत है।
2. विनय पिटक (Vinaya Pitaka): इसमें बौद्ध संघ और भिक्षु-भिक्षुणियों (Monks and Nuns) के लिए बनाए गए कड़े नियमों, अनुशासन और दैनिक आचरण का वर्णन है।
3. अभिधम्म पिटक (Abhidhamma Pitaka): इसमें बौद्ध धर्म के सिद्धांतों की दार्शनिक (Philosophical) और आध्यात्मिक व्याख्या की गई है। यह मुख्य रूप से गंभीर विषयों पर आधारित है।
महत्व: महात्मा बुद्ध की मृत्यु (महापरिनिर्वाण) के बाद उनके शिष्यों ने उनके उपदेशों को सुरक्षित रखने के लिए इन्हें संकलित किया था। बौद्ध धर्म के इतिहास, दर्शन और आचरण को समझने के लिए त्रिपिटक सबसे प्रामाणिक ग्रंथ है।
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