प्रश्न: कार्बन-14 विधि क्या है?
उत्तर:
कार्बन-14 विधि (C-14 Method) प्राचीन वस्तुओं, जीवाश्मों और अवशेषों की आयु (उम्र) निर्धारित करने की एक वैज्ञानिक विधि है। इसे 'रेडियोकार्बन डेटिंग' भी कहा जाता है। परीक्षा के दृष्टिकोण से इसके मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
• खोज: इस विधि की खोज अमेरिका के प्रसिद्ध रसायनशास्त्री बी. एफ. लिब्बी ने सन् 1946 में की थी। इस कार्य के लिए उन्हें नोबेल पुरस्कार भी मिला था।
• सिद्धांत: सभी जीवित वस्तुओं (पौधों और जीवों) में कार्बन-12 ($^{12}\text{C}$) और कार्बन-14 ($^{14}\text{C}$) समान मात्रा में पाया जाता है। मृत्यु के बाद, स्थिर कार्बन-12 तो वैसा ही रहता है, लेकिन रेडियोधर्मी कार्बन-14 धीरे-धीरे घटने (क्षय होने) लगता है।
• आयु निर्धारण: वस्तु में बचे हुए कार्बन-14 की मात्रा को मापकर यह पता लगाया जाता है कि वह वस्तु कितनी पुरानी है। जिस पदार्थ में कार्बन-14 की मात्रा जितनी कम होती है, वह उतना ही पुराना माना जाता है।
इतिहास और पुरातत्व (जैसे सिंधु घाटी सभ्यता की तिथि निर्धारण) में यह विधि अत्यंत महत्वपूर्ण है।
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