12th Sociology Book 2 Chapter 3: संविधान और सामाजिक परिवर्तन Subjective

 

12th Sociology Book 2 Chapter 3:  संविधान और सामाजिक परिवर्तन Subjective 

1. सरपंच के दो कार्यों का वर्णन कीजिए।

ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था, लघु सिंचाई प्रबंध और तालाबों-पोखरों के विकास कार्य सुनिश्चित करना।

ग्रामीण विद्युतीकरण को बढ़ावा देना और सड़कों पर प्रकाश की उचित व्यवस्था करना।

2. ग्राम कचहरी क्या है?

उत्तर: ग्राम कचहरी एक न्याय पंचायत है जिसका उत्तरदायित्व ग्रामीणों के आपसी विवादों का निपटारा कम खर्च और कम समय में करना है। सामान्यतः 10 से 12 ग्राम पंचायतों पर एक ग्राम कचहरी होती है, जिसमें 10 से 25 सदस्य होते हैं। निर्वाचित पंच अपने में से एक को 'सरपंच' और एक को 'सहायक सरपंच' चुनते हैं। किसी भी मामले की सुनवाई के लिए सरपंच 3 से 5 पंचों की बेंच गठित करता है।

3. ग्राम पंचायत की असफलता के तीन कारण बताइए।

पंचायती संस्थाओं को संवैधानिक अधिकार मिलने के बाद भी पर्याप्त प्रशासनिक और वित्तीय शक्तियाँ प्राप्त न होना।

भ्रष्ट नेताओं और अपने कर्तव्यों के प्रति उदासीन रहने वाले पंचों की उपस्थिति।

ग्राम स्तर पर भ्रष्टाचार, धन का दुरुपयोग और जातिवाद की स्वार्थी भावना का होना।


4. ग्राम सेवक के दो कार्यों का वर्णन करें।

गाँव के लोगों में शिक्षा के प्रति सार्वजनिक चेतना जागृत करना।

प्रारंभिक और माध्यमिक विद्यालयों की व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने में मदद करना।


प्रश्न 5. मुखिया के चार प्रमुख कार्यों का वर्णन कीजिए।

उत्तर: मुखिया के चार महत्वपूर्ण कार्य इस प्रकार हैं:

कृषि विकास: भूमि सुधार, चारागाहों के विकास और खेती से संबंधित कार्यों को बढ़ावा देना।

बुनियादी सुविधाएँ: ग्रामीण क्षेत्रों में सिंचाई, स्वच्छ पेयजल और तालाबों के रखरखाव का प्रबंधन करना।

विद्युतीकरण: गाँवों में बिजली पहुँचाना और सड़कों पर रोशनी (स्ट्रीट लाइट) की व्यवस्था करना।

शिक्षा: प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा के लिए प्रबंध करना और ग्रामीणों में पढ़ाई के प्रति रुचि जगाना।

प्रश्न 6. संविधान से आप क्या समझते हैं?

उत्तर: संविधान केवल एक कानूनी दस्तावेज नहीं, बल्कि किसी देश की शासन प्रणाली को चलाने वाली एक विस्तृत वैज्ञानिक संहिता है। यह सरकार के अंगों (विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका) की शक्तियों और अधिकारों को स्पष्ट करता है ताकि उनका दुरुपयोग न हो सके।

प्रश्न 7. राज्य (State) से आप क्या समझते हैं?

उत्तर: राज्य एक ऐसा संगठन है जो कानून और शासन शक्ति के माध्यम से समाज में व्यवस्था बनाए रखता है। इसके चार अनिवार्य तत्व होते हैं: एक निश्चित भू-भाग, जनसंख्या, सरकार और सर्वोच्च सत्ता (संप्रभुता)।

प्रश्न 8. दबाव समूह (Pressure Group) से आप क्या समझते हैं?

उत्तर: दबाव समूह उन लोगों के संगठित समूह होते हैं जो स्वयं चुनाव नहीं लड़ते, बल्कि सरकार की नीतियों को प्रभावित करके अपने सदस्यों के हितों (जैसे किसान, मजदूर या छात्र) को पूरा करवाते हैं। ये सरकार और जनता के बीच संपर्क कड़ी के रूप में काम करते हैं।

प्रश्न 9. संविधान किस प्रकार सामाजिक परिवर्तन का आधारभूत साधन है?

उत्तर: संविधान भारत में सामाजिक बदलाव का सबसे शक्तिशाली माध्यम रहा है क्योंकि इसके लागू होने के बाद:

  • जातिगत भेदभाव में कमी आई है।

  • दलितों, पिछड़ों और महिलाओं को कानूनी अधिकार और सुरक्षा मिली है।

  • समानता और सामाजिक न्याय को बढ़ावा मिला है।

प्रश्न 10. भारतीय राजनीति में दबाव समूहों की भूमिका स्पष्ट करें।

उत्तर: दबाव समूह सरकार को नीतियां बनाते समय सलाह देते हैं और जनता की राय को सरकार तक पहुँचाते हैं। वे विरोध प्रदर्शन और अभियान चलाकर लोकतंत्र को और अधिक मजबूत बनाने का कार्य करते हैं।

प्रश्न 11. हमें संविधान की आवश्यकता क्यों है?

उत्तर: संविधान किसी भी राज्य के लिए आवश्यक है क्योंकि यह सरकार की संरचना और कार्यप्रणाली तय करता है, नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करता है और सत्ता के मनमाने इस्तेमाल पर रोक लगाता है।

प्रश्न 12. भारतीय लोकतंत्र में जाति राजनीति को कैसे प्रभावित करती है?

उत्तर: भारत में जाति और राजनीति का गहरा संबंध है। प्रभावशाली जातियाँ राजनीति में वर्चस्व रखती हैं, वहीं पिछड़ी जातियाँ भी एकजुट होकर सत्ता में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास करती हैं।


अतिरिक्त महत्वपूर्ण प्रश्न

प्रश्न 13. समाज सुधार में सामाजिक अधिनियमों (कानूनों) की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।

उत्तर: कानूनों ने समाज सुधार में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जैसे:

  • अस्पृश्यता (छुआछूत) का अंत हुआ।

  • दहेज प्रथा और बाल विवाह पर कानूनी रोक लगी।

  • विधवा पुनर्विवाह को मान्यता मिली और महिलाओं को संपत्ति के अधिकार मिले।



अध्याय – 3. संविधान और सामाजिक परिवर्त्तन-- दीर्घ उत्तरीय प्रश्न उत्तर

प्रश्न 1. 73वाँ संविधान संशोधन क्या है? पंचायतों के प्रमुख कार्यों का वर्णन कीजिए। (अथवा) पंचायती राज व्यवस्था पर एक निबन्ध लिखें।

  • उत्तर (सरल भाषा में): * 73वाँ संविधान संशोधन क्या है? भारत मुख्य रूप से गाँवों का देश है और यहाँ की ज्यादातर आबादी गाँवों में रहती है। ग्रामीण विकास को मजबूत करने और गाँव के लोगों को खुद अपना शासन चलाने की ताकत देने के लिए 'पंचायती राज व्यवस्था' बनाई गई। इसी व्यवस्था को कानूनी और संवैधानिक (संविधान में जगह) दर्जा देने के लिए साल 1992 में सरकार द्वारा 73वाँ संविधान संशोधन अधिनियम पास किया गया।

इस संशोधन का इतिहास और मुख्य बातें:

  • समिति का गठन: पंचायती राज व्यवस्था में सुधार करने के लिए सरकार ने 1985 में 'जी.वी.के. राव समिति' बनाई थी। इस समिति ने सिफारिश की थी कि पंचायतों को ज्यादा अधिकार दिए जाएँ और इसमें अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) व महिलाओं को आरक्षण मिले।

  • मंजूरी और लागू होना: इस कानून को राष्ट्रपति की मंजूरी 20 अप्रैल 1993 को मिली और यह पूरे देश में 1 जून 1993 से लागू हो गया। इस संशोधन के द्वारा हमारे संविधान में 'भाग IX (9)' जोड़ा गया और पंचायतों को संवैधानिक मान्यता मिली।

73वें संविधान संशोधन की प्रमुख विशेषताएँ:

तीन-स्तरीय (Three-tier) पंचायती व्यवस्था: इसके तहत पूरे देश में तीन स्तरों पर पंचायतें बनाई गईं:

ग्राम स्तर पर: ग्राम पंचायत

प्रखंड (Block) स्तर पर: पंचायत समिति

जिला स्तर पर: जिला परिषद

निश्चित कार्यकाल: सभी स्तर की पंचायतों का कार्यकाल 5 वर्ष तय किया गया है।

महिलाओं को आरक्षण: पंचायतों में महिलाओं को आगे लाने के लिए कम-से-कम 33% (एक तिहाई) सीटें आरक्षित की गईं।

जातिगत आरक्षण: अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के लोगों को उनकी आबादी के अनुपात में आरक्षण दिया गया।

ग्राम सभा को मजबूती: गाँव के सभी वयस्क नागरिकों की 'ग्राम सभा' को सबसे ज्यादा सशक्त और मजबूत बनाया गया।

विकास के अधिकार: पंचायतों को अपने क्षेत्र का विकास करने के लिए कई तरह के काम और आर्थिक अधिकार दिए गए।

पंचायतों के प्रमुख कार्य:

  • शिक्षा की व्यवस्था: पंचायतों का मुख्य काम गाँवों में प्राथमिक (Primary) और माध्यमिक (Middle) स्तर पर पढ़ाई-लिखाई की अच्छी व्यवस्था करना है। इससे ग्रामीण लोगों में जागरूकता आती है और उनका सामाजिक विकास होता है।

  • सामाजिक परिवर्तन में योगदान: पंचायती राज व्यवस्था लागू होने से गाँवों में पिछड़ी और समाज के निचले तबके की जातियों की स्थिति में काफी सुधार हुआ है। गाँवों में लोगों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति बेहतर हुई है, जिससे पुरानी दकियानूसी सोच और सामाजिक बनावट में बदलाव आया है।

  • न्याय की व्यवस्था (न्याय पंचायत): ग्रामीणों को उनके अपने गाँव में ही बहुत कम खर्चे में और जल्दी इंसाफ दिलाने के लिए 'न्याय पंचायत' काम करती है। इससे ग्रामीणों को छोटे-मोटे झगड़ों के लिए कचहरी के चक्कर नहीं काटने पड़ते।

  • ग्रामीण विकास: इसके अंतर्गत गाँवों में पक्की सड़कें, पीने के साफ पानी की व्यवस्था, स्वच्छता (साफ-सफाई), स्वास्थ्य सुविधाएँ, रहने के लिए आवास और रोजगार की योजनाएँ (जैसे मनरेगा) जमीन पर लागू की जाती हैं।

  • लोकतांत्रिक प्रशिक्षण: पंचायतें गाँव के आम लोगों को देश की राजनीति और लोकतंत्र में हिस्सा लेने का सीधा मौका देती हैं, जिससे आम नागरिक भी शासन चलाना सीखता है।

प्रश्न 2. ग्राम पंचायत के संगठन पर प्रकाश डालिए। अथवा (Or) बिहार में ग्राम पंचायत के संगठन पर प्रकाश डालिए।

  • उत्तर (सरल भाषा में): ग्राम पंचायत पंचायती राज व्यवस्था की सबसे जमीनी, पहली और बेहद जरूरी कड़ी (इकाई) है। यह गाँव के विकास और वहाँ की व्यवस्था को संभालने की आधारशिला होती है।

ग्राम पंचायत मुख्य रूप से तीन अंगों (भागों) में बँटी होती है:

  • (1) ग्राम सभा: यह किसी ग्राम पंचायत क्षेत्र के सभी वयस्क नागरिकों (जिनकी उम्र 18 साल या उससे ज्यादा है और जिनका नाम वोटर लिस्ट में है) का एक समूह होती है। यह पंचायत की सबसे बड़ी और सर्वोच्च संस्था है। गाँव के विकास की सभी योजनाओं को मंजूरी देना इसी का मुख्य काम है।

  • (2) ग्राम पंचायत: यह ग्राम सभा की कार्यपालिका (काम करने वाली टीम) होती है। इसके सदस्यों की संख्या कम से कम 9 और ज्यादा से ज्यादा 15 होती है।

  • इसके मुख्य मुखिया (प्रधान) का चुनाव सीधे ग्राम सभा के लोगों द्वारा वोट डालकर किया जाता है।

  • चुने हुए सदस्य अपने बीच में से ही एक 'उपमुखिया' का चुनाव करते हैं। गाँव स्तर पर सभी विकास कार्यों को पूरा कराने की जिम्मेदारी इसी टीम की होती है।

  • (3) न्याय पंचायत / ग्राम कचहरी: इसका मुख्य काम गाँव के आपसी छोटे-मोटे दीवानी और फौजदारी विवादों (लड़ाई-झगड़ों) को आपस में बैठकर सुलझाना है।

  • आमतौर पर 10 से 12 ग्राम पंचायतों को मिलाकर एक 'ग्राम कचहरी' बनती है।

  • इसमें कुल 10 से 25 'पंच' होते हैं, जिन्हें जिलाधिकारी (DM) द्वारा मनोनीत किया जाता है। ये पंच अपने बीच में से एक 'सरपंच' और एक 'उपसरपंच' चुनते हैं। सरपंच 3 से 5 पंचों की एक पीठ (बेंच) बनाकर मामलों की सुनवाई करता है और फैसला सुनाता है।

प्रश्न 3. पंचायती राज व्यवस्था क्या है? ग्रामीण विकास में भूमिका को स्पष्ट कीजिए।

  • उत्तर

  • पंचायती राज का अर्थ: भारत एक कृषि प्रधान देश है और इसकी अधिकांश आबादी गाँवों में बसती है। गाँवों के विकास और वहाँ की स्थानीय समस्याओं को सुलझाने के लिए शासन की बागडोर सीधे गाँव के लोगों (जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों) के हाथों में सौंपना ही पंचायती राज या 'स्थानीय स्वशासन' कहलाता है। इसका मुख्य उद्देश्य विकास कार्यों में गाँव के आम लोगों की सीधी भागीदारी तय करना है।

ग्रामीण विकास में पंचायती राज की मुख्य भूमिका (कार्य):

  1. कृषि एवं भूमि विकास: गाँवों की बंजर जमीन को उपजाऊ और खेती लायक बनाना, खेती की नई तकनीकों और कार्यक्रमों का विस्तार करना तथा पशुओं के चरने के लिए चारागाहों की देखभाल करना।

  2. मत्स्य पालन (मछली पालन): गाँवों के तालाबों और जलाशयों में मछली पालन को बढ़ावा देना, जिससे गाँव के युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिल सकें।

  3. पेयजल (पीने के पानी) की व्यवस्था: गाँव में कुएँ, हैंडपंप और तालाबों का निर्माण करवाना, पुराने जल स्रोतों की मरम्मत करना और हर घर तक साफ पीने का पानी पहुँचाने की योजनाओं को चलाना।

  4. खादी, ग्राम और कुटीर उद्योग: ग्रामीण इलाकों में छोटे और घरेलू उद्योगों को बढ़ावा देना ताकि लोग आत्मनिर्भर बन सकें। इसके लिए युवाओं को रोजगार से जुड़े प्रशिक्षण कार्यक्रम और चेतना शिविर आयोजित करना।

  5. शिक्षा का प्रचार-प्रसार: गाँव में प्राथमिक स्कूलों को खुलवाना और उनका सही ढंग से संचालन करना, स्कूल में लड़कों के साथ-साथ लड़कियों का पूरा दाखिला (नामांकन) करवाना और बच्चों की रोजाना उपस्थिति सुनिश्चित करना।

प्रश्न 4. भारतीय संविधान के अनुसार नागरिकों के मौलिक अधिकारों और कर्तव्यों की विवेचना कीजिए।

उत्तर ): भारत का संविधान दुनिया का सबसे बड़ा लिखित संविधान है। यह देश के सभी नागरिकों को आजादी, बराबरी और न्याय की गारंटी देता है। संविधान में नागरिकों के विकास के लिए 'मौलिक अधिकार' और देश के प्रति उनकी जिम्मेदारी के लिए 'मौलिक कर्तव्य' दिए गए हैं।

(क) मौलिक अधिकार (Fundamental Rights)

मौलिक अधिकार हमारे संविधान के भाग-3 (अनुच्छेद 12 से 35) में दिए गए हैं। ये अधिकार किसी भी इंसान के जीने और आगे बढ़ने के लिए बहुत जरूरी हैं। अगर कोई इनका हनन करता है (छीनता है), तो हम सीधे कोर्ट (न्यायालय) जा सकते हैं।

संविधान में मुख्य रूप से 6 मौलिक अधिकार दिए गए हैं:

समानता का अधिकार: कानून के सामने सब एक बराबर हैं। किसी भी व्यक्ति के साथ उसकी जाति, धर्म, लिंग या जन्मस्थान के आधार पर कोई भेदभाव नहीं किया जा सकता। सरकारी नौकरियों में सबको बराबर मौका मिलेगा।

स्वतंत्रता का अधिकार: इसके तहत नागरिकों को अपनी बात कहने और विचार रखने की आजादी है, शांतिपूर्वक इकट्ठा होने या संगठन बनाने की आजादी है, और देश में कहीं भी आने-जाने, रहने या अपनी पसंद का कोई भी रोजगार/बिजनेस करने की पूरी छूट है।

शोषण के विरुद्ध अधिकार: इसके तहत किसी से भी जबरदस्ती बिना पैसे दिए काम करवाने (बेगार प्रथा), इंसानों की खरीद-बिक्री (तस्करी) करने और 14 साल से कम उम्र के बच्चों से कारखानों या मजदूरी का काम करवाने पर पूरी तरह रोक है।

धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार: भारत में हर व्यक्ति को अपनी पसंद का कोई भी धर्म मानने, उसकी पूजा-पाठ करने और उसका प्रचार करने की पूरी आजादी है। सरकारी तौर पर किसी भी धार्मिक आयोजन पर कोई रोक नहीं है।

संस्कृति और शिक्षा का अधिकार: भारत के अल्पसंख्यकों (कम आबादी वाले समुदायों) को अपनी भाषा, लिपि और संस्कृति को बचाए रखने का पूरा हक है। वे अपने पसंद के स्कूल-कॉलेज खोल सकते हैं।

संवैधानिक उपचारों का अधिकार: यह सबसे महत्वपूर्ण अधिकार है। अगर किसी नागरिक के ऊपर दिए गए 5 अधिकारों में से किसी का भी उल्लंघन होता है, तो वह इस अधिकार के तहत न्याय पाने के लिए सीधे अदालत जा सकता है। सरकार ऐसा कोई कानून नहीं बना सकती जो नागरिकों के अधिकार छीने।

(ख) मौलिक कर्तव्य (Fundamental Duties)

अधिकारों के साथ-साथ नागरिकों के कुछ फर्ज भी होते हैं। इन्हें साल 1976 में 42वें संविधान संशोधन द्वारा अनुच्छेद 51-क में जोड़ा गया था। मुख्य मौलिक कर्तव्य नीचे दिए गए हैं:

  • संविधान के नियमों को मानना और राष्ट्रध्वज (तिरंगे) व राष्ट्रगान का सम्मान करना।

  • आजादी की लड़ाई के महान आदर्शों को अपने दिल में संजोकर रखना।

  • देश की रक्षा करना और जरूरत पड़ने पर राष्ट्र की सेवा के लिए हमेशा तैयार रहना।

  • देश की एकता, अखंडता और भाईचारे को बनाए रखना।

  • महिलाओं का सम्मान करना और ऐसी प्रथाओं को छोड़ना जो उनके सम्मान के खिलाफ हों।

  • हिंसा (लड़ाई-झगड़े) से दूर रहना और सरकारी या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान न पहुँचाना।

  • पर्यावरण (जंगल, झील, नदी और वन्यजीवों) की रक्षा करना और उन्हें साफ रखना।

  • वैज्ञानिक सोच, तार्किक नजरिया और कुछ नया सीखने की भावना विकसित करना।

  • भारत की पुरानी और गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत (धरोहर) का सम्मान करना और उसे सुरक्षित रखना।

प्रश्न 5. ग्राम पंचायत की प्रकृति को समझाइए। अथवा भारतीय ग्रामीण पुनर्निर्माण में ग्राम पंचायत के कार्यों की विवेचना कीजिए।

  • उत्तर ): ग्राम पंचायत पंचायती राज व्यवस्था की सबसे जमीनी और ग्रामीण जीवन के विकास, प्रशासन व कल्याण की आधारशिला है।

ग्राम पंचायत की प्रमुख विशेषताएँ (प्रकृति):

  • बनावट (संरचना): हर ग्राम पंचायत में एक मुख्य मुखिया (प्रधान) होता है और गाँव की आबादी के हिसाब से 9 से 15 तक वार्ड सदस्य (पंच) होते हैं।

  • कर्मचारी व्यवस्था: पंचायत के प्रशासनिक (कागजी) कामों में मदद के लिए हर ग्राम पंचायत में एक सरकारी कर्मचारी होता है जिसे 'पंचायत सेवक' कहते हैं। इसके अलावा अन्य कर्मचारी भी होते हैं।

  • कार्यकाल: ग्राम पंचायत और अन्य सभी पंचायती राज संस्थाओं का कार्यकाल चुनाव जीतने के दिन से 5 वर्ष का होता है।

  • आरक्षण व्यवस्था: समाज के सभी वर्गों को बराबरी देने के लिए ग्राम पंचायतों में अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) और महिलाओं के लिए सीटें आरक्षित (फिक्स) होती हैं।

  • लोकतांत्रिक स्वरूप: ग्राम पंचायत का रूप पूरी तरह लोकतांत्रिक होता है क्योंकि इसके सभी प्रतिनिधियों को गाँव की जनता खुद वोट डालकर चुनती है।

ग्रामीण विकास के लिए ग्राम पंचायत के प्रमुख कार्य:

शिक्षा से संबंधित कार्य: गाँव के लोगों में पढ़ाई के प्रति जागरूकता लाना, प्राथमिक और मिडिल स्कूलों को अच्छे से चलवाना और यह देखना कि बच्चे रोजाना स्कूल आ रहे हैं या नहीं।

चिकित्सा और स्वच्छता: ग्रामीण इलाकों में साफ-सफाई रखना, नालियों का निर्माण करवाना, मलेरिया-हैजा जैसी महामारियों को फैलने से रोकना और ग्रामीणों व उनके पशुओं के लिए समय-समय पर टीकाकरण (वैक्सीन) का इंतजाम करना।

जन्म और मृत्यु का पंजीकरण: गाँव में होने वाले जन्म और मृत्यु का पूरा रिकॉर्ड (रजिस्ट्रेशन) रखना।

पशुपालन को बढ़ावा: गाँव में दूध उत्पादन और पशुओं की नस्ल सुधारने के कामों में मदद करना।

प्रौढ़ एवं अनौपचारिक शिक्षा: जो उम्रदराज लोग बचपन में पढ़ नहीं पाए, उनकी निरक्षरता (अंगूठा टेक होना) दूर करने के लिए विशेष शिक्षा कार्यक्रम चलाना।

कृषि और बागवानी: किसानों की मदद के लिए खेती का विकास करना और नई तकनीकों व बीजों का विस्तार करना।



Read More>>>




IMPORTANT LINKS FOR YOU

✓Board Exam Free Download pdf>> Click HERE


 ✓ कंप्यूटर फंडामेंटल हिंदी भाषा में चित्र सहित -- CLICK Here


✓ 12वीं (आर्ट्स) के ऑब्जेक्टिव प्रश्न उत्तर -- CLICK Here


✓ 10वीं ( बिहार बोर्ड) के ऑब्जेक्टिव प्रश्न उत्तर --CLICK Here


✓  बिहार बोर्ड 10वी WhatsApp Group  --  Click here


✓  बिहार बोर्ड 12वी (Arts) WhatsApp Group   --  Click here


✓ बिहार बोर्ड 10वी & 12वी (Arts) Telegram ---   Click here


✓ Facebook Fans Page लाइक करे Click here


✓ Twitter  पर जरूर फॉलो करें Click here


 ✓ बाल क्लास से संबंधित पोस्ट  के लिए --CLICK Here


 ✓ घर बैठे पैसे कैसे कमाएं -- CLICK Here


✓ YouTube Subscribe Challenge -- CLICK Here


✓ महत्वपूर्ण दिवस --CLICK Here


✓  Interesting Facts हिन्दी में--  Click here


✓  सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी --  Click here


✓ अंग्रेजी शब्दकोश English words---   Click here


✓ Full Form विस्तारित रूप Click here


✓ हिन्दी कहानियां Click here


 ✓ आधार कार्ड से संबंधित  --CLICK Here


 ✓ कंप्यूटर फंडामेंटल हिंदी भाषा में चित्र सहित -- CLICK Here


✓ 12वीं (आर्ट्स) के ऑब्जेक्टिव प्रश्न उत्तर -- CLICK Here


✓ 10वीं ( बिहार बोर्ड) के ऑब्जेक्टिव प्रश्न उत्तर --CLICK Here


✓  बिहार बोर्ड 10वी WhatsApp Group  --  Click here


✓  बिहार बोर्ड 12वी (Arts) WhatsApp Group   --  Click here


✓ बिहार बोर्ड 10वी & 12वी (Arts) Telegram ---   Click here


✓ Facebook Fans Page लाइक करे Click here


✓ Twitter  पर जरूर फॉलो करें Click here


 ✓ बाल क्लास से संबंधित पोस्ट  के लिए --CLICK Here


 ✓ कंप्यूटर फंडामेंटल हिंदी भाषा में चित्र सहित -- CLICK Here


✓ 12वीं (आर्ट्स) के ऑब्जेक्टिव प्रश्न उत्तर -- CLICK Here


✓ 10वीं ( बिहार बोर्ड) के ऑब्जेक्टिव प्रश्न उत्तर --CLICK Here


✓  बिहार बोर्ड 10वी WhatsApp Group  --  Click here


✓  बिहार बोर्ड 12वी (Arts) WhatsApp Group   --  Click here


✓ बिहार बोर्ड 10वी & 12वी (Arts) Telegram ---   Click here


✓ Facebook Fans Page लाइक करे Click here


✓ Twitter  पर जरूर फॉलो करें Click here


 ✓ बाल क्लास से संबंधित पोस्ट  के लिए --CLICK Here


 ✓ कंप्यूटर फंडामेंटल हिंदी भाषा में चित्र सहित -- CLICK Here


✓ 12वीं (आर्ट्स) के ऑब्जेक्टिव प्रश्न उत्तर -- CLICK Here


✓ 10वीं ( बिहार बोर्ड) के ऑब्जेक्टिव प्रश्न उत्तर --CLICK Here


✓  बिहार बोर्ड 10वी WhatsApp Group  --  Click here


✓  बिहार बोर्ड 12वी (Arts) WhatsApp Group   --  Click here


✓ बिहार बोर्ड 10वी & 12वी (Arts) Telegram ---   Click here


✓ Facebook Fans Page लाइक करे Click here


✓ Twitter  पर जरूर फॉलो करें Click here


 ✓ बाल क्लास से संबंधित पोस्ट  के लिए --CLICK Here


✓ BihaITI Enrance Exam GK  Science Question & Online Test -- CLICK Here

✓ SSC AND RAILWAYS Exam GK GS Question & Online Test -- CLICK Here

0 Comments