12th Psychology अध्याय - 2. आत्म एवं व्यक्ति subjective
अध्याय - 2. आत्म एवं व्यक्ति (महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर)
1. आत्म-संप्रत्यय की परिभाषा?
उत्तर:- व्यक्ति का अपने बारे में जो नजरिया होता है जैसे—मैं कैसा हूँ, क्या कर सकता हूँ, और मेरी पहचान क्या है, इसे ही आत्म-संप्रत्यय कहते हैं।
जैसे— "मैं पढ़ाई में अच्छा हूँ", "मैं शर्मीला हूँ।"
2. आत्म-क्षमता से आप क्या समझते हैं?
उत्तर:- आत्म-क्षमता वह विश्वास है जो व्यक्ति को यह महसूस कराता है कि वह किसी काम को करने में सक्षम है। व्यक्ति का इसी विश्वास को आत्म-क्षमता कहते हैं।
जैसे— कोई छात्र सोचता है कि "मैं यह परीक्षा अच्छे से पास कर सकता हूँ", तो यह उसकी आत्म-क्षमता है।
3. व्यक्तित्व की परिभाषा?
उत्तर:- व्यक्ति का स्वभाव, सोचने का तरीका, बोलचाल, आदतें, व्यवहार और रहन-सहन का तरीका व्यक्तित्व कहलाता है।
जैसे— कोई आत्मविश्वासी और मिलनसार होता है, तो कोई शांत और संकोची।
4. टाइप 'A' प्रकार के व्यक्तित्व का वर्णन करें।
उत्तर:- टाइप-A व्यक्तित्व वाले लोग ऐसे होते हैं जो हमेशा जल्दी में रहते हैं, बहुत काम करते हैं और उन्हें आगे बढ़ने की बहुत चाह होती है। वे हर काम समय पर करना चाहते हैं और कभी-कभी बहुत ज़्यादा तनाव ले लेते हैं।
5. टाइप H व्यक्तित्व की विशेषताओं का वर्णन करें।
उत्तर:- टाइप H व्यक्तित्व वाले लोग शांत, धैर्यवान और मजबूत सोच वाले होते हैं। वे मुश्किल समय में भी घबराते नहीं हैं और संयम से काम लेते हैं। ऐसे लोग अपनी भावनाओं को अच्छे से कंट्रोल कर सकते हैं और समस्याओं को सुलझाने के लिए सही योजना बनाते हैं।
6. लिबिडो क्या है?
उत्तर:- ऐसी आंतरिक शक्ति है जो प्यार, आकर्षण और यौन इच्छा या कामवासना के लिए प्रेरित करती है उसे लिबिडो कहते हैं।
जैसे— बच्चे को मुँह से चूसना, वयस्क होने पर कामवासना की इच्छा।
7. आत्मसिद्धि से आप क्या समझते हैं?
उत्तर:- जब व्यक्ति अपने जीवन का सच्चा उद्देश्य पहचान लेता है और अपनी पूरी क्षमता तक पहुँच जाता है, तो उसे आत्मसिद्धि कहते हैं।
8. सामूहिक अचेतन का अर्थ बताइए।
उत्तर:- हमारे पूर्वजों के अनुभव और यादें, जो हमारे मन में छिपी हुई अवस्था में जन्म से ही मौजूद रहती हैं जो पीढ़ी दर पीढ़ी स्थानांतरित होती है, इसे ही सामूहिक अचेतन कहते हैं। यह विचार कार्ल युंग (Carl Jung) ने दिया था।
9. बहिर्मुखी प्रकार के व्यक्तित्व का वर्णन करें।
उत्तर:- बहिर्मुखी व्यक्ति वह होता है जिसे लोगों से मिलना-जुलना और बातें करना अच्छा लगता है। उसे शादी, पार्टी में जाना पसंद होता है। वह हमेशा लोगों के बीच रहना चाहता है, सबसे खुलकर बातें करता है और उसे किसी से बात करने में झिझक नहीं होती। बहिर्मुखी लोग अक्सर नेता या समाजसेवी बनते हैं।
10. शीलगुण से आप क्या समझते हैं?
उत्तर:- शीलगुण वे अच्छे गुण होते हैं जो किसी व्यक्ति के व्यवहार, सोच और जीवन के तरीके में दिखाई देते हैं। ये गुण व्यक्ति की आदतों और उसके स्वभाव का हिस्सा होते हैं।
11. दमन पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखें।
उत्तर:- जब कोई व्यक्ति किसी दुखद घटना या बुरी बात को भूल जाना चाहता है और अपने मन के अंदर छिपा देता है, ताकि वह उसे दुख न दे, तो इसे दमन कहते हैं।
12. पराह क्या है?
उत्तर:- पराह (Super Ego) मन का वह हिस्सा है जो हमें बताता है कि क्या सही है और क्या गलत। यह बचपन में माता-पिता और समाज से मिली सीख से बनता है और हमें अच्छे व सही तरीके से व्यवहार करने के लिए प्रेरित करता है।
13. अहं की क्या विशेषताएँ हैं?
उत्तर:- अहं (Ego) मन का वह हिस्सा है जो इच्छाओं (उपाहं) और वास्तविक जीवन की परिस्थितियों के बीच संतुलन बनाता है। यह सोच-समझकर निर्णय लेता है, ताकि व्यक्ति को अधिक सुख मिले और कम परेशानी हो।
14. बहिर्मुखी व्यक्तित्व की विशेषताएँ क्या हैं?
उत्तर:- बहिर्मुखी व्यक्ति वे होते हैं जो समाज में सक्रिय रहते हैं और लोगों से खुलकर बातचीत करते हैं। वे मिलनसार, आत्मविश्वासी और व्यवहार में कुशल होते हैं। ऐसे लोग वर्तमान परिस्थितियों पर ध्यान देते हैं, जल्दी निर्णय लेते हैं, दूसरों के सुख-दुख में साथ देते हैं और कठिन परिस्थितियों का भी दृढ़ता से सामना करते हैं।
15. आत्म-क्षमता से आप क्या समझते हैं?
उत्तर:- व्यक्ति का यह विश्वास कि उसमें किसी विशेष कार्य को सफलतापूर्वक करने की क्षमता है। यह विश्वास व्यक्ति के व्यवहार, प्रयास और सफलता को प्रभावित करता है। आत्म-क्षमता का एक संप्रत्यय बैंडुरा (Bandura) द्वारा प्रतिपादित सामाजिक-अधिगम सिद्धांत पर आधारित है जो स्व का एक संज्ञानात्मक पहलू है।
16. टाइप 'A' प्रकार के व्यक्तित्व का वर्णन करें।
उत्तर:- टाइप 'A' व्यक्तित्व वाले लोग बहुत जल्दी करने वाले, मेहनती और प्रतिस्पर्धी होते हैं। वे जल्दी गुस्सा हो जाते हैं और हमेशा तनाव में रहते हैं, जिससे उन्हें उच्च रक्तचाप जैसी स्वास्थ्य समस्याएँ हो सकती हैं।
17. इद्म तथा अहम् में अंतर करें।
उत्तर:- इद्म तथा अहम् में निम्नलिखित अंतर हैं-
इद्म (Id) सिर्फ सुख चाहता है, जबकि अहम् (Ego) वास्तविक स्थिति देखकर काम करता है।
इद्म को समय और वास्तविकता की समझ नहीं होती, जबकि अहम् को दोनों की समझ होती है।
इद्म पूरी तरह अचेतन होता है, जबकि अहम् चेतन और अचेतन दोनों होता है।
18. आत्मसिद्धि से आप क्या समझते हैं?
उत्तर:- आत्मसिद्धि वह अवस्था है जब व्यक्ति अपनी सभी क्षमताओं और प्रतिभाओं को पहचानकर उन्हें पूरी तरह विकसित करता है और उनका सबसे अच्छा उपयोग करता है।
19. प्रक्षेपण विधि के गुणों का वर्णन करें।
उत्तर:- प्रक्षेपण विधि वह मनोवैज्ञानिक तरीका है जिसका उद्देश्य व्यक्ति के व्यक्तित्व का संपूर्ण अध्ययन करना है। इसके मुख्य गुण हैं:
यह व्यक्ति के अचेतन विचार, भावनाओं और इच्छाओं को समझने में मदद करती है।
यह सामान्य और असामान्य दोनों तरह के व्यक्तियों पर लागू की जा सकती है।
इसका प्रयोग मुख्य रूप से व्यक्तित्व के अदृश्य और छिपे पहलुओं को उजागर करने के लिए किया जाता है।
20. शेल्डन के अनुसार व्यक्तित्व के प्रकारों का वर्णन करें।
उत्तर:- शेल्डन ने शरीर की बनावट के आधार पर व्यक्तित्व को तीन प्रकारों में बाँटा है—
एण्डोमार्फी (Endomorphy): ऐसे व्यक्ति मोटे शरीर वाले, गोल-मटोल और आराम पसंद होते हैं। स्वभाव से मिलनसार, खुशमिजाज और भावुक होते हैं।
मेसोमार्फी (Mesomorphy): इनका शरीर मजबूत, मांसल और सुदृढ़ होता है। ये आत्मविश्वासी, साहसी, सक्रिय और नेतृत्व करने वाले होते हैं।
3. एक्टोमार्फी (Ectomorphy):- ऐसे व्यक्ति दुबले-पतले, लंबे और कमज़ोर शरीर वाले होते हैं। स्वभाव से शांत, संवेदनशील, अंतर्मुखी और चिंतनशील होते हैं।
21. व्यक्तित्व के विशेषताओं का वर्णन करें।
उत्तर:- i. व्यक्तित्व में शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक और बौद्धिक गुण शामिल होते हैं।
ii. प्रत्येक व्यक्ति का व्यक्तित्व अलग और विशिष्ट होता है।
iii. व्यक्तित्व की मुख्य विशेषताएँ सामान्यतः स्थिर रहती हैं।
iv. परिस्थितियों के अनुसार व्यक्तित्व में कुछ परिवर्तन संभव होता है।
22. व्यक्तित्व मूल्यांकन के आत्म-प्रतिवेदन विधि का मूल्यांकन करें।
उत्तर:- आत्म-प्रतिवेदन विधि वह विधि है जिसमें व्यक्ति अपने व्यक्तित्व से संबंधित जानकारी स्वयं देता है। प्रश्नों या प्रश्नावली के उत्तरों के आधार पर उसके व्यक्तित्व का मूल्यांकन किया जाता है। कभी-कभी व्यक्ति सही या पूरी जानकारी नहीं देता, जिससे आत्मनिष्ठता या पक्षपात की समस्या उत्पन्न हो जाती है।
23. सामूहिक अचेतन का अर्थ बताइए।
उत्तर:- सामूहिक अचेतन मन का वह भाग है जो जन्म से ही सभी मनुष्यों में समान रूप से पाया जाता है। इसमें पूर्वजों के अनुभव, संस्कार तथा कुछ जन्मजात विचार और प्रतीक निहित होते हैं, जो सपनों, कहानियों और मिथकों में दिखाई देते हैं। सामूहिक अचेतन की अवधारणा कार्ल जंग द्वारा दी गई है।
24. व्यक्तित्व की परिभाषा दें।
उत्तर:- व्यक्ति के स्थायी आंतरिक गुण—जैसे उसकी सोच, भावनाएँ, इच्छाएँ और आदतें—तथा बाहरी गुण—जैसे उसका व्यवहार, बोलने का ढंग और दूसरों से संबंध बनाने का तरीका—के संगठित रूप को व्यक्तित्व कहते हैं।
25. व्यक्तिगत अनन्यता से आप क्या समझते हैं?
उत्तर:- व्यक्ति की वह समझ जिसके माध्यम से वह यह जानता और महसूस करता है कि वह कौन है, उसकी पहचान क्या है और वह दूसरों से किस प्रकार अलग है—इसी को व्यक्तिगत अनन्यता कहते हैं।
26. अहम् रक्षा युक्तियों से आप क्या समझते हैं?
उत्तर:- अहम् रक्षा युक्तियाँ वे अचेतन मानसिक प्रक्रियाएँ हैं, जिनका प्रयोग व्यक्ति तब करता है जब वह किसी खतरे, तनाव या चिंता का सीधे सामना नहीं कर पाता। इनका उद्देश्य चिंता को कम करना और मन को संतुलित रखना होता है। किंतु यदि इन युक्तियों का अत्यधिक उपयोग किया जाए, तो व्यक्ति का व्यवहार असामान्य हो सकता है।
27. चेतन क्या है?
उत्तर:- चेतन वह अवस्था है जिसमें व्यक्ति जागा हुआ होता है और अपने विचारों, भावनाओं तथा आसपास की चीज़ों को समझता और महसूस करता है।
28. प्रक्षेपी परीक्षण से आप क्या समझते हैं?
उत्तर:- प्रक्षेपी परीक्षण वह विधि है जिसमें व्यक्ति के व्यक्तित्व को अप्रत्यक्ष रूप से समझा जाता है। इसमें व्यक्ति को अस्पष्ट चित्र, शब्द या परिस्थिति दी जाती है और उसकी प्रतिक्रिया से उसकी अचेतन इच्छाएँ, भावनाएँ और मानसिक संघर्ष समझने की कोशिश की जाती है।
29. टाइप एच व्यक्तित्व की विशेषताओं का वर्णन करें।
उत्तर:- Type H व्यक्तित्व वाले व्यक्ति मानसिक रूप से मजबूत और धैर्यवान होते हैं। वे कठिन परिस्थितियों में भी हिम्मत नहीं हारते, अधिक तनाव नहीं लेते और संयम व संतुलन के साथ अपने व्यवहार को नियंत्रित रखते हैं।
30. कुछ व्यक्तित्व-शील गुणों का वर्णन करें।
उत्तर:- व्यक्ति के मुख्य शीलगुण निम्नलिखित हैं-
i. शारीरिक शीलगुण – जैसे शरीर की लंबाई, मोटाई, रंग-रूप आदि।
ii. मानसिक शीलगुण – जैसे बुद्धि, सोचने की क्षमता, ईमानदारी या बेईमानी।
iii. सामाजिक शीलगुण – जैसे मिलनसार होना, दूसरों की मदद करना और सामाजिक व्यवहार।
31. अंतर्मुखी तथा बहिर्मुखी व्यक्तित्व में अंतर बताइए।
उत्तर:- अंतर्मुखी व्यक्तित्व: ऐसे व्यक्ति अपने भीतर की दुनिया पर अधिक ध्यान देते हैं। कम बोलते हैं और एकांत में रहना पसंद करते हैं। संकोची, शांत और आत्मकेंद्रित होते हैं।
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