12th Political science Book 1 chapter 8 पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधन subjective
लघु उत्तरीय प्रश्न एवं उत्तर
प्रश्र 1. जल-प्रदूषण से आप क्या समझते हैं?
उत्तर:- जल प्रदूषण का अर्थ है जल निकायों जैसे नदियों, झीलों, तालाबों और समुद्रों के पानी में हानिकारक और विषैले पदार्थों का मिलना। जब उद्योगों का रासायनिक कचरा, शहरों की नालियों का गंदा पानी और खेती में उपयोग होने वाले कीटनाशक जल स्रोतों में मिल जाते हैं, तो वह पानी पीने और अन्य उपयोगों के अयोग्य हो जाता है। यह न केवल जलीय जीवों के जीवन को नष्ट करता है, बल्कि मनुष्यों में हैजा, टाइफाइड और पीलिया जैसी गंभीर बीमारियां भी फैलाता है।
प्रश्न 2. पर्यावरण संरक्षण क्या है?
उत्तर:- पर्यावरण संरक्षण का तात्पर्य प्राकृतिक संसाधनों जैसे जल, वायु, मिट्टी, वन और जीव-जंतुओं को विनाश से बचाने और उन्हें सुरक्षित रखने से है। इसका मुख्य उद्देश्य पृथ्वी पर पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखना है ताकि प्रकृति स्वच्छ और रहने योग्य बनी रहे। पर्यावरण संरक्षण के लिए हमें पेड़ों की कटाई रोकनी चाहिए, प्रदूषण पर नियंत्रण पाना चाहिए और सौर ऊर्जा जैसे नवीकरणीय संसाधनों का अधिक उपयोग करना चाहिए। यह हमारे और आने वाली पीढ़ियों के अस्तित्व के लिए अनिवार्य है।
प्रश्न 3. प्रदूषण से आप क्या समझते हैं?
उत्तर:- पर्यावरण के विभिन्न घटकों (वायु, जल और मिट्टी) में अवांछनीय और हानिकारक तत्वों के मिलने की प्रक्रिया को प्रदूषण कहते हैं। यह मुख्य रूप से मानवीय गतिविधियों जैसे औद्योगीकरण, वाहनों के धुएं और कचरे के गलत निस्तारण के कारण होता है। प्रदूषण प्राकृतिक चक्र को बिगाड़ देता है, जिससे मानव स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है और पशु-पक्षियों के जीवन पर संकट आ जाता है। संक्षेप में, प्रदूषण हमारे स्वस्थ वातावरण को विषाक्त बनाने वाली एक गंभीर वैश्विक समस्या है।
प्रश्न 4. जल-प्रदूषण के कारण क्या हैं?
उत्तर:- जल प्रदूषण के कई प्रमुख कारण हैं। कारखानों से निकलने वाले विषैले रसायनों को सीधे नदियों में बहाना इसका सबसे बड़ा कारण है। इसके अलावा, शहरी क्षेत्रों का गंदा पानी और कूड़ा-कचरा जल निकायों में डालना, तथा कृषि में रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों का अत्यधिक उपयोग भी पानी को जहरीला बनाता है। जहाजों से होने वाला तेल रिसाव और प्लास्टिक कचरे का नदियों में जमा होना भी जल की गुणवत्ता को पूरी तरह नष्ट कर देता है, जिससे जलीय पारिस्थितिकी तंत्र बिगड़ जाता है।
प्रश्न 5. संक्षेप में प्रदूषण के प्रकारों का वर्णन करें।
उत्तर:- प्रदूषण मुख्य रूप से चार प्रकार का होता है। वायु प्रदूषण: जो वाहनों और कारखानों के धुएं से होता है। जल प्रदूषण: जो रसायनों और गंदगी के पानी में मिलने से होता है। भूमि (मिट्टी) प्रदूषण: जो मिट्टी में प्लास्टिक, कचरा और कीटनाशकों के मिलने से होता है, जिससे जमीन की उपजाऊ शक्ति कम हो जाती है। ध्वनि प्रदूषण: जो वाहनों के हॉर्न, मशीनों और लाउडस्पीकरों के अत्यधिक शोर से होता है। ये सभी प्रकार पर्यावरण और स्वास्थ्य के लिए अत्यंत घातक हैं।
प्रश्न 6. वैश्विक ऊष्मीयकरण (Global Warming) से आप क्या समझते हैं?
उत्तर:- पृथ्वी के वायुमंडल के औसत तापमान में होने वाली निरंतर वृद्धि को वैश्विक ऊष्मीयकरण या ग्लोबल वार्मिंग कहा जाता है। इसका मुख्य कारण मानवीय गतिविधियों द्वारा वातावरण में कार्बन डाइऑक्साइड और मीथेन जैसी 'ग्रीनहाउस गैसों' की मात्रा बढ़ना है। ये गैसें सूरज की गर्मी को सोख लेती हैं, जिससे पृथ्वी गर्म होने लगती है। इसके परिणामस्वरूप ग्लेशियर पिघल रहे हैं, समुद्र का जलस्तर बढ़ रहा है और बेमौसम बारिश व सूखे जैसी प्राकृतिक आपदाओं की आवृत्ति बढ़ रही है।
प्रश्न 7. क्योटो प्रोटोकॉल क्या है?
उत्तर:- क्योटो प्रोटोकॉल एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय समझौता है, जिसे 1997 में जापान के क्योटो शहर में स्वीकार किया गया था। इसका प्राथमिक उद्देश्य वायुमंडल में ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन को कम करना था ताकि ग्लोबल वार्मिंग के खतरे को रोका जा सके। इस समझौते के तहत विकसित देशों पर कार्बन उत्सर्जन घटाने की कानूनी जिम्मेदारी डाली गई थी। यह संधि दुनिया भर के देशों को जलवायु परिवर्तन जैसी गंभीर समस्या से निपटने के लिए एक मंच पर लाने का एक ऐतिहासिक प्रयास था।
प्रश्न 8. रियो सम्मेलन के दो मुख्य परिणाम बतायें।
उत्तर:- 1992 में ब्राजील के रियो डी जेनेरियो में आयोजित 'पृथ्वी सम्मेलन' (Rio Summit) के दो प्रमुख परिणाम निम्नलिखित हैं: पहला, एजेंडा 21 को स्वीकार किया गया, जो 21वीं सदी में पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास (Sustainable Development) के लिए एक व्यापक कार्ययोजना थी। दूसरा, जलवायु परिवर्तन को नियंत्रित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन (UNFCCC) की स्थापना की गई। इस सम्मेलन ने विश्व का ध्यान इस ओर खींचा कि आर्थिक विकास और पर्यावरण सुरक्षा के बीच संतुलन बनाना कितना आवश्यक है।
प्र. 9. ग्लोबल कॉमन्स क्या है? [2025A]
उत्तर- ग्लोबल कॉमन्स का मतलब है कि ऐसी प्राकृतिक चीजें जो पूरी दुनिया की हैं, किसी एक देश की नहीं।
इनमें शामिल हैं: समुद्र (Ocean), वायुमंडल (Atmosphere), अंटार्कटिका (South Pole) और बाहरी अंतरिक्ष (Outer Space)।
प्र. 10. ओजोन परत क्या है?
उत्तर- ओजोन परत पृथ्वी की सतह से 10 किलोमीटर से 40 किलोमीटर तक वायुमंडल में फैली हुई है जिसे समताप मंडल कहा जाता है। यह पृथ्वी पर सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी किरणों (UV Rays) को आने से रोकती है। इसीलिए इसे पृथ्वी का कवच भी कहा जाता है।
प्र. 11. 'प्राकृतिक संसाधन' किसे कहते हैं?
उत्तर- प्राकृतिक संसाधन प्रकृति में पाए जाते हैं जैसे कि वायु, जल, मृदा, भूमि, खनिज, जीवाश्म ईंधन वन आदि।
प्र. 12. विश्व-तापवृद्धि (Global Warming) से क्या संकट हो सकता है?
उत्तर- यदि विश्व का तापमान बढ़ता चला गया तो पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ जाएगा, पहाड़ों पर जमी बर्फ पिघल जायेगी, जिससे नदियों का जल स्तर ऊँचा हो जाएगा जो प्रलय का कारण बनेगा।
प्र. 13. वैश्विक पर्यावरण पर किन्हीं तीन खतरों का उल्लेख कीजिए।
उत्तर- वैश्विक पर्यावरण के तीन मुख्य खतरे निम्नलिखित हैं:
प्राकृतिक संसाधन धीरे-धीरे समाप्त हो रहे हैं और कृषि योग्य भूमि कम हो रही है।
ओजोन परत में हो रहे ह्रास के कारण मानव स्वास्थ्य और पारिस्थितिकी तंत्र के लिए खतरा बढ़ रहा है।
तटीय क्षेत्रों में प्रदूषण बढ़ने से मत्स्य पालन प्रभावित हो रहा है।
प्र. 14. स्टॉकहोम सम्मेलन क्या है?
उत्तर- स्टॉकहोम सम्मेलन सन् 1972 में हुआ था। इसका मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संबंधी समस्याओं की पहचान करना और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग द्वारा उनका समाधान करना था। 17 मई, 2004 को एक संधि हुई जिसका उद्देश्य स्थाई कार्बनिक प्रदूषकों (POP) के उत्पादन और उपयोग को समाप्त करना था।
प्र. 15. ग्रीन हाउस गैस से आप क्या समझते हैं?
उत्तर- ग्रीन हाउस गैसें जलवायु परिवर्तन तथा भूमंडलीय उष्मीकरण (Global Warming) के लिये उत्तरदायी होती हैं। इनमें मुख्य रूप से कार्बन डाइऑक्साइड, नाइट्रस ऑक्साइड, मीथेन, क्लोरोफ्लोरो कार्बन आदि शामिल हैं।
प्र. 16. क्योटो प्रोटोकॉल क्या है?
उत्तर- यह 1997 में जापान के क्योटो में हुआ एक अंतर्राष्ट्रीय समझौता है। इसका मुख्य लक्ष्य वैश्विक तापमान में वृद्धि को रोकना और ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन को कम करना था। यह समझौता 2005 में लागू हुआ।
प्र. 17. प्रदूषण से आपका क्या अर्थ है? (BSEB, 2020)
उत्तर- वातावरण में हानिकारक पदार्थों का पहुंचना ही प्रदूषण है। ये हानिकारक पदार्थ प्रदूषक कहलाते हैं। यह प्राकृतिक या मानवीय गतिविधियों से उत्पन्न होकर वायु, जल और भूमि की गुणवत्ता को कम करते हैं।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (Long Answer Questions)
प्र. 1. वायु प्रदूषण क्या है? इसके प्रभाव और रोकने के उपाय लिखें।
उत्तर- वायु प्रदूषण वह स्थिति है जब हवा में हानिकारक गैसें, धूल, धुआं और रसायन मिल जाते हैं और हवा को अस्वस्थ बना देते हैं।
प्रभाव: इससे इंसानों में अस्थमा, खांसी और आंखों में जलन जैसी समस्याएं होती हैं। साथ ही ग्लोबल वार्मिंग और ओजोन परत को भी नुकसान पहुँचता है।
रोकने के उपाय: अधिक पेड़ लगाना, वाहनों का सीमित उपयोग, सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करना और कचरा जलाने से बचना।
प्र. 2. 1992 के पृथ्वी सम्मेलन (Earth Summit) की उपलब्धियों पर प्रकाश डालिए।
उत्तर- 1992 में ब्राजील के रियो डी जेनेरो शहर में पृथ्वी सम्मेलन आयोजित हुआ। इसकी मुख्य उपलब्धि 'एजेंडा 21' को स्वीकार करना था, जिसमें विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण की रूपरेखा तैयार की गई थी।
भारत में पर्यावरण संरक्षण: मुख्य कानून
भारत ने पर्यावरण की रक्षा के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं:
पर्यावरण संरक्षण अधिनियम: 1986
वायु (प्रदूषण नियंत्रण) अधिनियम: 1981
जल (प्रदूषण नियंत्रण) अधिनियम: 1974
राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT): पर्यावरण से जुड़े मामलों को सुलझाने के लिए 2010 में इसकी स्थापना की गई।
प्र. 2. 1992 के पृथ्वी सम्मेलन (Earth Summit) की मुख्य उपलब्धियाँ निम्नलिखित हैं—
उत्तर-
एजेंडा-21 का निर्माण: इस सम्मेलन में 'एजेंडा-21' नाम की एक व्यापक योजना बनाई गई। इसका उद्देश्य यह तय करना था कि दुनिया किस तरह प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग करे ताकि भविष्य की पीढ़ियों के लिए भी संसाधन सुरक्षित रह सकें।
सतत विकास की अवधारणा को बढ़ावा: इस सम्मेलन ने दुनिया को बताया कि विकास ऐसा होना चाहिए जो पर्यावरण को नुकसान न पहुँचाए और आने वाली पीढ़ियों की ज़रूरतें भी पूरी हों।
पर्यावरण से जुड़े महत्वपूर्ण समझौते: वनों की सुरक्षा पर समझौता, जलवायु परिवर्तन रोकने के लिए UNFCCC (United Nations Framework Convention on Climate Change) अपनाया गया एवं जैव विविधता (Biodiversity) संरक्षण के लिए संधि की गई।
ग्लोबल सहयोग को मज़बूती: इस सम्मेलन ने यह संदेश दिया कि पर्यावरण समस्या किसी एक देश की नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की समस्या है, इसलिए सभी देशों को मिलकर काम करना होगा।
विकासशील देशों को सहायता का वादा: अमीर देशों ने गरीब और विकासशील देशों को पर्यावरण संरक्षण के लिए आर्थिक और तकनीकी सहायता देने की बात कही।
प्र. 3. पर्यावरण संरक्षण में भारत की भूमिका का वर्णन करें।
उत्तर- भारत पर्यावरण संरक्षण में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। भारत में हमेशा प्रकृति और संसाधनों के सही उपयोग पर ज़ोर दिया गया है। भारत की मुख्य भूमिकाएँ इस प्रकार हैं—
पर्यावरण कानून और नियम: भारत ने पर्यावरण की रक्षा के लिए कई कड़े कानून बनाए हैं, जैसे:
पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986
वायु (प्रदूषण नियंत्रण) अधिनियम, 1981
जल (प्रदूषण नियंत्रण) अधिनियम, 1974
राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT): पर्यावरण से जुड़े मामलों को सुलझाने के लिए 2010 में NGT बनाया गया। यह प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों और व्यक्तियों पर कार्रवाई करता है।
पेड़ लगाने और जंगल बचाने के प्रयास: सरकार और लोग मिलकर वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम चला रहे हैं। कानून के माध्यम से जंगलों को काटने पर रोक लगाई गई है।
स्वच्छ भारत अभियान: 2014 में शुरू किया गया यह अभियान देश को साफ रखने और प्रदूषण कम करने की दिशा में एक बहुत महत्वपूर्ण कदम है।
नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा: भारत सौर ऊर्जा और पवन ऊर्जा जैसे साफ ऊर्जा स्रोतों का तेज़ी से उपयोग बढ़ा रहा है। दुनिया के सबसे बड़े सौर पार्क भी भारत में ही हैं।
अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर योगदान: भारत ने 2015 के पेरिस समझौते में भाग लिया। इसके साथ ही भारत ने अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) बनाया, जिससे कई देश मिलकर सौर ऊर्जा का उपयोग बढ़ा रहे हैं।
प्लास्टिक पर नियंत्रण: भारत में सिंगल-यूज़ प्लास्टिक पर रोक लगाने और प्लास्टिक के उपयोग को कम करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
The End
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