Political science chapter 3 book 1 समकालीन विश्व में अमेरिकी वर्चस्व
लघु उत्तरीय प्रश्न
1. अमेरिकी वर्चस्व से आप क्या समझते हैं?
उत्तर:- 1991 में सोवियत संघ के विघटन के बाद विश्व राजनीति में दो ध्रुवीयता समाप्त हो गई और अमेरिका एकमात्र महाशक्ति के रूप में उभरा। सैन्य, आर्थिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक—इन सभी क्षेत्रों में अमेरिका की इसी अद्वितीय शक्ति और दबदबे को 'अमेरिकी वर्चस्व' (Hegemony) के नाम से जाना जाता है।
2. 2003 में अमेरिका ने 40 देशों के साथ इराक पर शस्त्रीकरण के विरुद्ध दुनिया को बचाने के नाम पर आक्रमण किया। इस आक्रमण का अन्य क्या कोई और कारण हो सकता है? तर्क दीजिए।
उत्तर:- आधिकारिक तौर पर अमेरिका ने इराक पर 'सामूहिक विनाश के हथियार' (WMDs) रखने का आरोप लगाकर 'ऑपरेशन इराकी फ्रीडम' शुरू किया था। हालाँकि, बाद में कोई हथियार नहीं मिले। इसके पीछे के वास्तविक कारण इराक के विशाल तेल भंडारों पर नियंत्रण स्थापित करना और वहां अपनी पसंद की सरकार बनाना था, ताकि मध्य पूर्व में अमेरिकी हितों को साधा जा सके।
3. ऑपरेशन डेजर्ट स्टॉर्म या प्रथम खाड़ी युद्ध क्या है?
उत्तर:- अगस्त 1990 में इराक द्वारा कुवैत पर अवैध कब्जे को छुड़ाने के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ (UN) ने बल प्रयोग की अनुमति दी। इसके बाद अमेरिका के नेतृत्व में 34 देशों की मिली-जुली सेना (लगभग 6.60 लाख सैनिक) ने इराक के खिलाफ जो युद्ध छेड़ा, उसे ही 'ऑपरेशन डेजर्ट स्टॉर्म' या 'प्रथम खाड़ी युद्ध' कहा जाता है।
4. अमेरिका में 9/11 की घटना के बारे में आप क्या जानते हैं?
उत्तर:- 11 सितंबर 2001 को अल-कायदा के 19 आतंकवादियों ने अमेरिका के चार यात्री विमानों का अपहरण कर लिया। इनमें से दो विमान न्यूयॉर्क स्थित 'वर्ल्ड ट्रेड सेंटर' के टावरों से टकराए, तीसरा वर्जीनिया स्थित 'पेंटागन' (रक्षा विभाग) से टकराया और चौथा विमान पेंसिलवेनिया के एक खेत में जा गिरा। इस भीषण आतंकी हमले को विश्व स्तर पर '9/11' के नाम से जाना जाता है।
5. "इतिहास के अंत" का क्या अर्थ है?
उत्तर:- प्रसिद्ध विचारक फ्रांसिस फुकुयामा के अनुसार, 'इतिहास के अंत' का अर्थ वैचारिक संघर्षों का समाप्त होना है। इसका तात्पर्य यह है कि शीत युद्ध के बाद उदारवादी लोकतंत्र और पूंजीवाद की सर्वोपरिता सिद्ध हो गई है और अब दुनिया के सभी राष्ट्रों के लिए कानून का शासन, स्वतंत्रता और न्याय ही शासन के अंतिम और सर्वश्रेष्ठ विकल्प रह गए हैं।
6. प्रथम खाड़ी युद्ध को "वीडियो गेम वार" क्यों कहा गया है?
उत्तर:- प्रथम खाड़ी युद्ध पहला ऐसा युद्ध था जिसका टेलीविजन पर व्यापक रूप से सीधा प्रसारण (Live Coverage) किया गया था। पूरी दुनिया ने अपने घरों में बैठकर इराकी सेना को आधुनिक हथियारों से ध्वस्त होते देखा, जिस कारण इस युद्ध को "वीडियो गेम वार" की संज्ञा दी गई।
7. प्रथम खाड़ी युद्ध को और किन-किन नामों से जाना जाता है?
उत्तर:- प्रथम खाड़ी युद्ध को निम्नलिखित नामों से भी पहचाना जाता है:
कंप्यूटर युद्ध (Computer War)
स्मार्ट बमों का प्रयोग (Use of Smart Bombs)
वीडियो गेम वार (Video Game War)
8. नई विश्व व्यवस्था क्या है?
उत्तर:- जब 1990 में इराक ने कुवैत को अपना 19वाँ प्रांत घोषित कर दिया और कूटनीतिक कोशिशें नाकाम रहीं, तब संयुक्त राष्ट्र ने बल प्रयोग की अनुमति दी। उस समय अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने इसे 'नई विश्व व्यवस्था' (New World Order) कहा। इसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति, सुरक्षा और एक ऐसे तंत्र की स्थापना करना था जहाँ अमेरिकी नेतृत्व में अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन हो सके।
9. "अमेरिका के हाथों शांति" का क्या अर्थ है?
उत्तर:- दूसरे विश्वयुद्ध के समाप्त होने के बाद अमेरिका ने विश्व के कई देशों में अपना दबदबा कायम किया। जहाँ कहीं भी विद्रोह या विरोध हुआ, अमेरिका ने उसे दबाकर वहां शांति स्थापित करने का प्रयास किया। वैश्विक स्तर पर अमेरिका द्वारा स्थापित की गई इसी शांति और व्यवस्था को "अमेरिका के हाथों शांति" (Pax Americana) कहा जाता है।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
1. अमेरिकी प्रभुत्व / वर्चस्व का अर्थ बताइए।
उत्तर:- वर्ष 1991 में सोवियत संघ के विघटन के पश्चात विश्व राजनीति में अमेरिका एकमात्र महाशक्ति के रूप में उभरा। सैन्य, आर्थिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक—इन सभी क्षेत्रों में अमेरिका की इसी अद्वितीय शक्ति को 'अमेरिकी वर्चस्व' के नाम से जाना जाता है। इसके प्रमुख आयाम इस प्रकार हैं:
सैन्य वर्चस्व: अमेरिका की सैन्य शक्ति विशाल है और वह सैन्य तकनीक के मामले में दुनिया में सबसे आगे है। उसका रक्षा बजट दुनिया के अगले 12 शक्तिशाली देशों के कुल खर्च से भी अधिक है। पेंटागन अपने बजट का एक बड़ा हिस्सा निरंतर अनुसंधान और नई तकनीक विकसित करने पर व्यय करता है। अमेरिका के हथियार न केवल आधुनिक हैं बल्कि गुणात्मक रूप से भी सर्वश्रेष्ठ माने जाते हैं।
आर्थिक वर्चस्व: अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति है और उसके पास अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 'वीटो पावर' (VETO Power) भी उपलब्ध है। वैश्विक अर्थव्यवस्था में अमेरिका की भागीदारी लगभग 21 प्रतिशत है। प्रमुख वैश्विक संस्थानों जैसे IMF, विश्व बैंक और विश्व व्यापार संगठन (WTO) पर भी अमेरिका का वर्चस्व है। इसके अलावा इंटरनेट (WWW) और MBA जैसी व्यावसायिक डिग्रियाँ भी अमेरिकी वर्चस्व का प्रतीक हैं।
सांस्कृतिक वर्चस्व: अमेरिका की विचारधारा, रहन-सहन, खान-पान और भाषा का प्रभाव पूरी दुनिया पर छाया हुआ है। उदाहरण के तौर पर अमेरिका की 'नीली जींस' आज पूरे विश्व में प्रसिद्ध और लोकप्रिय है।
2. एक ध्रुवीय विश्व पर एक निबंध लिखिए।
उत्तर:- द्वितीय विश्व युद्ध के बाद दुनिया दो गुटों में विभाजित थी—एक का नेतृत्व अमेरिका और दूसरे का सोवियत संघ कर रहा था। 1991 में सोवियत संघ के पतन के साथ ही यह द्वि-ध्रुवीयता समाप्त हो गई और विश्व 'एक ध्रुवीय' (Unipolar) बन गया, जहाँ अमेरिका एकमात्र शक्ति केंद्र रहा।
एक ध्रुवीय विश्व के प्रमुख उदाहरण:
ऑपरेशन डेजर्ट स्टॉर्म (1991): इराक द्वारा कुवैत पर किए गए कब्जे को मुक्त कराने के लिए अमेरिका के नेतृत्व में संयुक्त राष्ट्र ने यह अभियान चलाया।
ऑपरेशन इनफाइनाइट रीच (1998): सूडान और अफगानिस्तान में अल-कायदा के ठिकानों पर अमेरिका द्वारा किया गया मिसाइल हमला।
ऑपरेशन एंड्योरिंग फ्रीडम (2001): 9/11 के हमलों के बाद आतंकवाद के खिलाफ अमेरिका द्वारा शुरू किया गया एक व्यापक युद्ध।
ऑपरेशन इराकी फ्रीडम (2003): संयुक्त राष्ट्र की औपचारिक अनुमति के बिना इराक पर किया गया अमेरिकी हमला।
3. अमेरिकी वर्चस्व में कौन से व्यवधान हैं? आपके विचार में से कौन सा व्यवधान आगामी दिनों में सबसे अधिक महत्वपूर्ण साबित होगा?
उत्तर:- अमेरिकी वर्चस्व की राह में तीन प्रमुख बाधाएं या व्यवधान हैं:
i. संस्थागत बुनावट: अमेरिका की शासन प्रणाली में शक्तियों का बँवारा कार्यपालिका की सैन्य शक्ति पर अंकुश लगाता है।
ii. अमेरिकी समाज की उन्मुक्त प्रकृति: अमेरिका का स्वतंत्र समाज और जनमत सरकार की नीतियों पर नियंत्रण रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
iii. नाटो (NATO): अमेरिका के मित्र राष्ट्र जो नाटो गठबंधन में शामिल हैं, वे अमेरिकी वर्चस्व को सीमित करने की क्षमता रखते हैं।
निष्कर्ष: आगामी समय में 'नाटो' का व्यवधान सबसे महत्वपूर्ण साबित हो सकता है क्योंकि अमेरिका अपने आर्थिक और सामरिक हितों के लिए इन देशों पर निर्भर है।
4. अमेरिका - भारत संबंध का वर्णन करें।
उत्तर:- शीत युद्ध के दौरान भारत और अमेरिका के संबंध मधुर नहीं थे क्योंकि भारत सोवियत संघ के अधिक निकट था। 1991 में सोवियत संघ के विघटन के बाद जब भारत ने आर्थिक उदारीकरण की नीति अपनाई, तब से दोनों देशों के संबंधों में सुधार आना शुरू हुआ। वर्तमान में भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक और रणनीतिक साझेदारी पहले से कहीं अधिक मजबूत हुई है।
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