12th Political Science chapter 9 वैश्वीकरण subjective
लघु उत्तरीय प्रश्न (Short Answer Type Questions)
प्रश्न 1. उदारीकरण क्या है?
उत्तर:- उदारीकरण का अर्थ सरकार द्वारा व्यापार, उद्योग और निवेश पर लगाए गए प्रतिबंधों और नियंत्रणों में ढील देना है। इसके तहत निजी क्षेत्र और विदेशी कंपनियों को स्वतंत्र रूप से काम करने की अनुमति दी जाती है। इसका मुख्य उद्देश्य देश की अर्थव्यवस्था को प्रतिस्पर्धी बनाना और विकास की गति को तेज करना है।
प्रश्न 2. वैश्वीकरण के सकारात्मक प्रभावों को बताएँ।
उत्तर:- वैश्वीकरण के प्रमुख सकारात्मक प्रभाव निम्नलिखित हैं:
विदेशी निवेश (FDI) में वृद्धि: देश में विदेशी पूंजी का आगमन बढ़ा है।
रोजगार के अवसर: नई कंपनियों के आने से युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं।
तकनीकी विकास: आधुनिक तकनीक और ज्ञान का आदान-प्रदान सुगम हुआ है।
निर्यात में वृद्धि: भारतीय वस्तुओं की पहुँच वैश्विक बाजारों तक हुई है।
जीवन स्तर में सुधार: उपभोक्ताओं को कम कीमत पर गुणवत्तापूर्ण वस्तुएं मिलने से उनके जीवन स्तर में सुधार आया है।
प्रश्न 3. भूमण्डलीकरण क्या है?
उत्तर:- भूमण्डलीकरण (वैश्वीकरण) वह प्रक्रिया है जिसके माध्यम से पूरी दुनिया के देश व्यापार, सूचना, तकनीक और संस्कृति के स्तर पर एक-दूसरे से जुड़ जाते हैं। इसमें वस्तुओं, सेवाओं, पूंजी और लोगों का प्रवाह बिना किसी बाधा के एक देश से दूसरे देश में होता है।
प्रश्न 4. भारतीय संस्कृति पर वैलेनटाइन दिवस के प्रभाव का आकलन कीजिए।
उत्तर:- भारतीय संस्कृति में वैलेनटाइन दिवस को पश्चिमी संस्कृति का प्रभाव माना जाता है। आलोचकों का तर्क है कि यह भारतीय पारंपरिक मूल्यों और संस्कृति के अनुरूप नहीं है। हालांकि, आधुनिक समाज और युवाओं के बीच इसे प्रेम की अभिव्यक्ति के रूप में अपनाया गया है, लेकिन इसे लेकर सांस्कृतिक मतभेद बने रहते हैं।
प्रश्न 5. वैश्वीकरण में प्रौद्योगिकी का क्या योगदान है?
उत्तर:- प्रौद्योगिकी (Technology) वैश्वीकरण की मुख्य चालक रही है। सूचना और संचार (ICT) तथा परिवहन के साधनों में हुई क्रांति ने पूरी दुनिया को एक 'वैश्विक ग्राम' (Global Village) में बदल दिया है। इंटरनेट और मोबाइल के माध्यम से जानकारी और पूंजी का प्रवाह अब कुछ ही सेकंडों में हो जाता है, जिससे देशों के बीच परस्पर निर्भरता बढ़ गई है।
प्रश्न 6. भारत में वैश्वीकरण के दो सकारात्मक प्रभावों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:- भारत पर वैश्वीकरण के दो प्रमुख सकारात्मक प्रभाव निम्न हैं:
आर्थिक महाशक्ति के रूप में उभार: 1991 की नई आर्थिक नीति (LPG) के बाद भारत की जीडीपी विकास दर में तेजी आई और वह विश्व की एक प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्था बना।
उपभोक्ता विकल्प और प्रतिस्पर्धा: वैश्वीकरण के कारण भारतीय बाजारों में प्रतिस्पर्धा बढ़ी है, जिससे भारतीय उपभोक्ताओं को विभिन्न प्रकार के अंतर्राष्ट्रीय ब्रांड और उच्च गुणवत्ता वाली वस्तुएं सस्ती कीमतों पर मिलने लगी हैं
लघु उत्तरीय प्रश्न (Short Answer Type Questions)
प्रश्न 7. भारत के लोगों पर वैश्वीकरण के किन्हीं चार नकारात्मक परिणामों की व्याख्या कीजिए।
उत्तर:- भारत पर वैश्वीकरण के चार मुख्य नकारात्मक प्रभाव निम्नलिखित हैं:
किसानों पर प्रतिकूल प्रभाव: बहुराष्ट्रीय कंपनियों (MNCs) के महंगे बीज और विदेशी प्रतिस्पर्धा के कारण भारतीय किसानों की आर्थिक स्थिति खराब हुई है।
असमान विकास: वैश्वीकरण का लाभ सभी क्षेत्रों और वर्गों को समान रूप से नहीं मिला है, जिससे अमीर और गरीब के बीच की खाई बढ़ी है।
लघु एवं कुटीर उद्योगों का ह्रास: विदेशी सस्ती वस्तुओं के आने से भारत के छोटे और स्थानीय उद्योग बंद होने की कगार पर पहुँच गए हैं।
बाजार में अस्थिरता: विदेशी कंपनियों के बढ़ते प्रभाव के कारण भारतीय बाजार में अनिश्चितता और अस्थिरता बढ़ी है।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (Long Answer Type Questions)
प्रश्न 1. वैश्वीकरण क्या है? भारत पर इसके प्रभाव का वर्णन करें।
उत्तर:- वैश्वीकरण (Globalization) वह प्रक्रिया है जिसमें विश्व के विभिन्न देश व्यापार, तकनीक, संस्कृति और विचारों के माध्यम से एक-दूसरे से जुड़ जाते हैं।
भारत पर इसके प्रभाव:
1991 से पूर्व: आजादी के बाद भारत ने 'संरक्षणवाद' की नीति अपनाई थी, जिसमें विदेशी निवेश और आयात पर कड़े प्रतिबंध थे ताकि घरेलू उद्योगों को बढ़ावा मिल सके।
1991 के बाद: गंभीर वित्तीय संकट के कारण भारत ने 'नई आर्थिक नीति' (LPG) अपनाई। इसके तहत अर्थव्यवस्था को उदार बनाया गया, आयात शुल्क कम किया गया और विदेशी निवेश को आमंत्रित किया गया। इससे भारत की आर्थिक विकास दर में तेजी आई और भारत एक वैश्विक आर्थिक शक्ति के रूप में उभरा।
प्रश्न 2. भूमण्डलीकरण (वैश्वीकरण) के प्रभावों का मूल्यांकन करें।
उत्तर:- भूमण्डलीकरण का अर्थ है पूरी दुनिया का एक 'वैश्विक ग्राम' (Global Village) के रूप में परिवर्तित होना। इसके प्रभावों को दो भागों में बाँटा जा सकता है:
I. सकारात्मक प्रभाव:
रोजगार के अवसर: विदेशी कंपनियों के आने से युवाओं के लिए नौकरियों के नए और बेहतर अवसर पैदा हुए हैं
तकनीक का आदान-प्रदान: इंटरनेट, मोबाइल और आधुनिक मशीनों ने जीवन और कार्यशैली को आधुनिक बना दिया है।
विदेशी निवेश: भारत में विदेशी मुद्रा का प्रवाह बढ़ा है, जिससे बुनियादी ढांचा (Infrastructure) मजबूत हुआ है।
उपभोक्ता को लाभ: प्रतिस्पर्धा बढ़ने से आम जनता को कम कीमत पर अच्छी गुणवत्ता वाली वस्तुएं मिलने लगी हैं।
II. नकारात्मक प्रभाव:
आर्थिक असमानता: इसका लाभ मुख्य रूप से शहरी और संपन्न वर्ग को मिला, जबकि ग्रामीण क्षेत्र पिछड़ गए।
सांस्कृतिक खतरा: विदेशी संस्कृति के अंधानुकरण से भारतीय पारंपरिक मूल्यों और संस्कृति पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है।
रोजगार में असुरक्षा: अब काम 'कॉन्ट्रैक्ट' (अनुबंध) पर आधारित होने लगा है, जिससे स्थायी नौकरियों में कमी आई है।
पर्यावरण पर दबाव: बढ़ते औद्योगीकरण के कारण प्रदूषण और प्राकृतिक संसाधनों का अत्यधिक दोहन बढ़ा है।
प्रश्न 3. वर्तमान विश्व पर वैश्वीकरण के प्रभाव का विवेचन करें।
उत्तर:- वर्तमान विश्व में वैश्वीकरण ने देशों के बीच की दूरियों को खत्म कर दिया है:
व्यापार में कई गुना वृद्धि हुई है और देश एक-दूसरे पर आर्थिक रूप से निर्भर हो गए हैं।
सूचना प्रौद्योगिकी (IT) की क्रांति ने जानकारी और विचारों के आदान-प्रदान को बहुत तेज कर दिया है।
जहाँ इसने विश्व स्तर पर विकास के नए द्वार खोले हैं, वहीं गरीबी का बढ़ता अंतर और पर्यावरण प्रदूषण जैसी नई वैश्विक चुनौतियां भी पेश की हैं।
परीक्षा के लिए विशेष सुझाव:
उत्तर लिखते समय LPG (उदारीकरण, निजीकरण, वैश्वीकरण) और वैश्विक ग्राम (Global Village) जैसे शब्दों का प्रयोग अवश्य करें।
मुख्य बिंदुओं को Bold या रेखांकित (Underline) करें ताकि परीक्षक का ध्यान उन पर तुरंत जाए।
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