12th Maithili subjective kavita chapter 1
विद्यापति-वन्दना, कुसुम-वन्दना : गोविन्द दास
प्र. 1. गोविन्द दास विद्यापतिक वन्दना किएक करैत छथि?
उत्तर: गोविन्द दास विद्यापति केँ अपन काव्य गुरु मानैत छथि, तैं हुनकर वन्दना करैत छथि।
प्र. 2. भारति वानी ककरा कहल गेल अछि?
उत्तर: भारति वानी भारतक बोली आ भाषा केँ कहल गेल अछि।
प्र. 3. 'कुसुम वन्दना' कवितामे फूलक लेल कोन-कोन शब्द आयल अछि? लिखू।
उत्तर: 'कुसुम वन्दना' कवितामे फूलक लेल कमल, नील कमल, कुन्द आ चम्पक आदि शब्द आयल अछि।
प्र. 4. 'जाक गीत जग चीत चोराओल'क की अभिप्राय अछि?
उत्तर: एहि पँक्तिक मतलब ई अछि जे महाकवि विद्यापतिक गीत सभक मोन मोहि लेलक आ हुनकर गीत लोकक कण्ठहार बनि गेल।
प्र. 5. कुसुम वन्दना कविता मे मुंहक तुलना कोन फूल सँ कवि कएलन्हि अछि ?
उत्तर: कवि कुसुम वन्दना कवितामे मुँहक तुलना कमल क फूल सँ कएने छथि।
प्र. 6. कोन तरहक आनन्दक चर्चा कवि एहितहाम कयलनि अछि?
उत्तर: कवि एतय विद्यापतिक रस सँ भरल गीत सभ सँ भेटैवाला आनन्दक चर्चा कएने छथि।
प्र. 7. गोविन्ददासक काव्य गुरु के छलाह ?
उत्तर: गोविन्ददासक काव्य गुरु विद्यापति छलाह।
प्र. 8. 'कुसुम वन्दना' कविताक आशय लिखू।
उत्तर: एहि कवितामे गोविन्ददास राधाक अंगक तुलना अलग-अलग फूल सँ करैत छथि। कवि कहैत छथि जे राधाक पूरा शरीर फूल सँ बनल अछि। हुनकर मुँह आ आँखि कमल सन सुन्दर अछि, कान सोहाओन अछि, नाक तिलक फूल सन आ दाँत कुन्द फूल सन अछि। एहि तरहेँ कवि देखबैत छथि जे कृष्ण केँ पाबए लेल फूलक कोनो बाहरी प्रयोजन नहि अछि, बल्कि जखन आत्मा परमात्मामे लीन भऽ जाएत अछि तखने भगवानक प्राप्ति होइत अछि।
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