1. लेखक परिचय (अज्ञेय जी)
- लेखक का नाम: सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन 'अज्ञेय'।
- जन्म: 07 मार्च 1911 ईस्वी (कसया, कुशीनगर, उत्तर प्रदेश)।
- निधन: 04 अप्रैल 1987 ईस्वी (नई दिल्ली)।
- माता-पिता: माता व्यंती देवी एवं पिता डॉ. हीरानंद शास्त्री (प्रख्यात पुरातत्ववेत्ता)।
- व्यक्तित्व एवं परिचय:
- अज्ञेय जी आधुनिक हिंदी साहित्य के एक प्रमुख कवि, कथाकार, विचारक और पत्रकार थे।
- स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान इन्हें जेल की यातनाएं भी सहनी पड़ी थीं। इन्होंने द्वितीय विश्वयुद्ध के समय सेना में भी नौकरी की थी।
- प्रमुख कृतियां:
- उपन्यास: शेखर एक जीवनी, नदी के द्वीप, अपने-अपने अजनबी।
- कहानी संग्रह: विपथगा, जयदोल, ये तेरे प्रतिरूप।
- यात्रा साहित्य: अरे यायावर रहेगा याद (1953)।
- पुरस्कार: इन्हें साहित्य अकादमी पुरस्कार और भारतीय ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
2. लघु उत्तरीय प्रश्न (2 अंक)
प्रश्न 1: 'रोज' कहानी की मालती ने बचपन में किताब का क्या किया था?
- उत्तर: मालती बचपन में पढ़ाई नहीं करती थी। एक दिन उसके पिता ने उसे एक किताब लाकर दी और रोज 20 पन्ने पढ़ने को कहा। परंतु मालती ने प्रतिदिन 10-20 पन्ने फाड़कर फेंक दिए और कुछ ही दिनों में किताब खत्म कर दी।
प्रश्न 2: मालती के पति का परिचय दें।
- उत्तर: मालती के पति का नाम महेश्वर है, जो पेशे से एक डॉक्टर हैं। वे पहाड़ी क्षेत्र के एक सरकारी अस्पताल में काम करते हैं। दिन-रात मरीजों के बीच रहते-रहते उनका जीवन भी एक ढर्रे (यंत्रवत) पर चलने लगा था।
प्रश्न 3: गैंग्रीन क्या है?
- उत्तर: पहाड़ी क्षेत्रों में कांटा चुभने के बाद जब उसका सही समय पर इलाज नहीं होता, तो वह एक गंभीर बीमारी बन जाता है जिसे 'गैंग्रीन' कहते हैं। इसमें कभी-कभी मरीज के हाथ या पैर भी काटने पड़ते हैं।
प्रश्न 4: लेखक और मालती के बीच कैसा संबंध था?
- उत्तर: मालती लेखक के दूर के रिश्ते की बहन लगती थी। परंतु बचपन में साथ-साथ खेलने, पढ़ने और रहने के कारण उनके बीच भाई-बहन से ज्यादा एक मित्र जैसा मुक्त और सहज संबंध था।
प्रश्न 5: मालती के घर का वातावरण कैसा था?
- उत्तर: मालती के घर का वातावरण अत्यंत नीरस, उदास, और बनावटीपन से भरा था। वहां हर काम घड़ी की सुइयों के हिसाब से होता था और घर में किसी भी प्रकार की खुशी या उल्लास की छाया तक नहीं थी।
3. दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (5 अंक)
प्रश्न: 'रोज' कहानी का सारांश लिखिए तथा इसका मुख्य उद्देश्य स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: 'रोज' कहानी के रचयिता सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन 'अज्ञेय' हैं। यह कहानी मध्यमवर्गीय घरेलू नारी के जीवन की एकरसता, उदासी और घूटन को बहुत ही मार्मिक ढंग से प्रस्तुत करती है।
कहानी का सारांश: लेखक अपनी दूर की बहन मालती से मिलने कई वर्षों बाद उसके घर जाते हैं। बचपन में मालती बहुत ही चंचल, नटखट और स्वतंत्र विचारों वाली लड़की थी। लेकिन विवाह के मात्र दो वर्ष बाद ही मालती का जीवन पूरी तरह बदल चुका है।
अब वह घर के काम-काज (चौका-बर्तन) और बच्चे की देखरेख में यंत्र की तरह बंधी हुई है। उसका पति महेश्वर एक सरकारी डॉक्टर है जो दिन-भर गैंग्रीन के मरीजों का इलाज करता है और रात को देर से घर लौटता है। उसका छोटा बच्चा (टीटी) रोता रहता है और चिड़चिड़े स्वभाव का हो गया है। मालती सुबह से रात 11 बजे तक केवल एक ही ढर्रे पर काम करती रहती है, उसके जीवन में कोई उमंग या हंसी-खुशी नहीं बची है।
कहानी का उद्देश्य: इस कहानी का मुख्य उद्देश्य आधुनिक नारी के शादी के बाद के जीवन में आने वाली नीरसता, अकेलापन और घुटन को दिखाना है। मालती का जीवन यह दर्शाता है कि कैसे एक हंसमुख लड़की घरेलू जिम्मेदारियों और एक जैसे रोजमर्रा के कामों में फंसकर एक मशीन जैसी बन जाती है। इसीलिए कहानी का नाम 'रोज' रखा गया है, क्योंकि वहां हर दिन बिना किसी बदलाव या खुशी के एक जैसा ही बीतता है।
0 Comments
Post a Comment
Please, Don't enter any spam link in the comment box