12th Maithili Gadya chapter 11 subjective
दुटैत कीलक जाँत : प्रो० मायानन्द मिश्र
101. दुटैत कीलक जाँत शीर्षक कथामे वर्णित विचार कें अंकित करू।
उत्तर— ई कहानी हमरा सब कें ई सीख दैत अछि जे रागिनी अपन पूरा जीवन परिवारक खुशी आ त्याग मे बिता दैत अछि। मुदा जखन ओकरा अपन परिवार सँ कनी सन आदर आ प्रेम (चाह) नै भेटैत छैक, तऽ ओ अंदर सँ टूटि जाइत अछि आ बिना कोनो बड़का कारणक गुस्सा कऽ कऽ ककरो सँ गलत व्यवहार कऽ बैठैत अछि।
102. मायानन्द मिश्रक कथा शिल्प सँ परिचय कराउ।
उत्तर— प्रो. मायानन्द मिश्र कऽ कहानी लिखबाक तरीका (कथा शिल्प) बहुत अद्भुत आ बेजोड़ अछि। एहि कहानी मे ओ मुख्य नायिका 'रागिनी' कऽ मानसिक स्थिति आ ओकर मनक बात कें बहुत गहराई सँ देखौने छथि, जाहि सँ पाठक कें कहानी एकदम सच आ अपन सन लगैत छैक।
0 Comments
Post a Comment
Please, Don't enter any spam link in the comment box