12वीं भूगोल book 1 Chapter 7 (Geography) तृतीय एवं चतुर्थ क्रियाएं Subjective

  12वीं भूगोल book 1 Chapter 7 (Geography) तृतीय एवं चतुर्थ  क्रियाएं Subjective 

Q.1 तृतीयक क्रियाओं का वर्णन कीजिए?

Ans- तृतीयक क्रियाकलाप वे सभी आर्थिक गतिविधियाँ हैं जो प्राथमिक और द्वितीयक क्षेत्रों में उत्पादित वस्तुओं और सेवाओं को खरीदार तक पहुँचाती हैं। ये सेवाएँ उत्पादन प्रक्रिया में प्रत्यक्ष रूप से शामिल नहीं होतीं, बल्कि सेवाओं पर आधारित होती हैं। जैसे: शिक्षण, बैंकिंग, परिवहन और व्यापार।

Q.2 तृतीयक क्रियाकलापों के प्रकारों का उल्लेख कीजिए?

Ans- तृतीयक क्रियाकलाप मुख्य रूप से 4 प्रकार के होते हैं:

  1. व्यापार एवं वाणिज्य

  2. परिवहन

  3. संचार

  4. सेवाएँ

Q.3 विश्व में चिकित्सा पर्यटन (Medical Tourism) के क्षेत्र में तेजी से उभरते हुए देशों के नाम लिखिए?

Ans- विश्व में चिकित्सा पर्यटन के क्षेत्र में तेजी से उभर रहे मुख्य देश हैं: भारत, थाईलैंड, सिंगापुर, मलेशिया, स्विट्जरलैंड और ऑस्ट्रेलिया।

Q.4 अंकीय विभाजन (Digital Divide) क्या है?

Ans- सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (ICT) पर आधारित विकास से मिलने वाले अवसरों का पूरे विश्व में असमान वितरण ही 'अंकीय विभाजन' कहलाता है। विकसित देश इस दिशा में बहुत आगे बढ़ गए हैं, जबकि विकासशील देश अभी भी पिछड़े हुए हैं।

Q.5 बाह्य स्रोत (Outsourcing) तथा ऑफशोरिंग (Offshoring) से क्या आशय है?

Ans- * बाह्य स्रोत (Outsourcing): किसी कंपनी द्वारा अपने कुछ कार्यों या सेवाओं को किसी बाहरी कंपनी या व्यक्ति को सौंपना, ताकि लागत कम हो सके और मुख्य कार्यों पर ध्यान दिया जा सके।

  • ऑफशोरिंग (Offshoring): जब कोई कंपनी अपने कार्यों को किसी अन्य देश में स्थित कंपनी को सौंपती है, तो उसे ऑफशोरिंग कहते हैं।

Q.6 चतुर्थक सेवाओं (Quaternary Services) का वर्णन कीजिए?

Ans- चतुर्थक क्रियाकलाप वे आर्थिक गतिविधियाँ हैं जो ज्ञान, सूचना और नए विचारों के निर्माण एवं प्रसार पर आधारित होती हैं। इसमें उच्च शिक्षा, अनुसंधान एवं विकास (R&D), सूचना प्रौद्योगिकी और रचनात्मक कार्य (जैसे फिल्म, संगीत) शामिल होते हैं।


सेवाओं का वर्गीकरण और जॉब के प्रकार

Q.7 सेवाओं के किन्हीं दो वर्गीकरण का उल्लेख करें?

Ans- सेवाओं (तृतीयक व्यवसाय) के दो मुख्य वर्गीकरण हैं:

  1. व्यक्तिगत सेवाएँ: जैसे सैलून, स्वास्थ्य सेवाएँ (डॉक्टर, नर्स)।

  2. व्यावसायिक सेवाएँ: जैसे बैंकिंग, बीमा, आईटी सेवाएँ।

Q.8 चार तृतीयक आर्थिक क्रियाकलापों का उल्लेख करें?

Ans- प्रमुख तृतीयक क्रियाकलाप हैं:

  1. परिवहन (माल और लोगों का आवागमन)

  2. व्यापार (वस्तुओं और सेवाओं का लेनदेन)

  3. शिक्षा (ज्ञान और कौशल का आदान-प्रदान)

  4. बैंकिंग (धन का प्रबंधन)

Q.9 दो चतुर्थक आर्थिक क्रियाकलापों का उल्लेख कीजिए?

Ans- दो उदाहरण:

  1. सूचना प्रौद्योगिकी सेवाएँ (IT Services)

  2. वैज्ञानिक अनुसंधान और विकास (R&D)

Q.10 प्रत्येक रंग के सामने उनके जॉब के प्रकार का वर्णन करें?

Ans- विभिन्न रंगों के 'कॉलर' जॉब के प्रकार को दर्शाते हैं:

कॉलर का रंगकार्य का प्रकार
लाल (Red Collar)खनन, भारी उद्योग जैसे खतरनाक व शारीरिक परिश्रम वाले कार्य।
स्वर्ण (Gold Collar)उच्च शिक्षित पेशेवर जैसे वैज्ञानिक, इंजीनियर, डॉक्टर, प्रबंधक।
श्वेत (White Collar)कार्यालयी कार्य, प्रशासनिक और प्रबंधकीय कार्य।
धूसर (Grey Collar)तकनीकी कार्य, सुरक्षा सेवाएँ तथा सेवामुक्त अस्थायी कर्मचारी।
नीला (Blue Collar)मजदूरी, कारखाना कार्य, निर्माण कार्य जैसे शारीरिक श्रम।
गुलाबी (Pink Collar)सेवा क्षेत्र जैसे नर्सिंग, शिक्षण, ब्यूटी पार्लर, होटल कार्य।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (Long Answer Questions)

Q.1 परिवहन और संचार सेवाओं की सार्थकता को विस्तारपूर्वक स्पष्ट कीजिए?

Ans- किसी भी देश के सामाजिक और आर्थिक विकास में इनका बहुत बड़ा योगदान है:

  • आर्थिक विकास: परिवहन के बिना उत्पादन, वितरण और उपभोग की प्रक्रिया सुचारू नहीं हो सकती।

  • गतिशीलता: ये सेवाएँ सूचनाओं और लोगों को एक स्थान से दूसरे स्थान पहुँचाकर पूरे देश में गतिशीलता लाती हैं।

  • आधारभूत सुविधाएँ: भोजन, दवाइयाँ, पानी और ऊर्जा जैसी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति इन्हीं के माध्यम से होती है।

  • जीवन स्तर में सुधार: ये सेवाएँ जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाती हैं।

  • समय और लागत की बचत: आधुनिक संचार साधन समय बचाते हैं और कार्यक्षमता बढ़ाते हैं।

  • राष्ट्रीय आय: इन सेवाओं की उपलब्धता से उत्पादन और राष्ट्रीय आय में वृद्धि होती है।

  • विश्व ग्राम (Global Village): प्रभावी परिवहन और संचार ने पूरे विश्व को एक 'विश्व ग्राम' के रूप में जोड़ दिया है।

Q.2 आधुनिक आर्थिक विकास में सेवा सेक्टर की सार्थकता और वृद्धि की चर्चा कीजिए?

Ans- आधुनिक समय में सेवा क्षेत्र (Service Sector) आर्थिक विकास का सबसे महत्वपूर्ण आधार बन चुका है। यह क्षेत्र वस्तुओं के उत्पादन में सीधे शामिल नहीं होता, बल्कि समाज और अर्थव्यवस्था को आवश्यक सेवाएँ (जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन, बैंकिंग) उपलब्ध कराता है। विकसित देशों में 70-80% से अधिक लोग इसी क्षेत्र में कार्यरत हैं। भारत जैसे विकासशील देशों में भी यह क्षेत्र जीडीपी में सबसे अधिक योगदान दे रहा है। सूचना प्रौद्योगिकी और वैश्वीकरण ने इसकी पहुँच को और अधिक व्यापक बना दिया है।

0 Comments